521 हेक्टेयर की हरनंदीपुरम टाउनशिप से बदलेगी गाजियाबाद की तस्वीर, रियल एस्टेट और रोजगार को मिलेगी रफ्तार
गाजियाबाद में 521 हेक्टेयर की हरनंदीपुरम टाउनशिप के लेआउट को मंजूरी मिलने से रियल एस्टेट और विकास को नई गति ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।
HighLights
हरनंदीपुरम टाउनशिप का 521 हेक्टेयर लेआउट बोर्ड में मंजूर।
गाजियाबाद के रियल एस्टेट और विकास को मिलेगी नई रफ्तार।
टाउनशिप से स्थानीय रोजगार और कारोबार में वृद्धि होगी।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। हरनंदीपुरम टाउनशिप का 521 हेक्टेयर का लेआउट बोर्ड बैठक में मंजूर होने के साथ गाजियाबाद के रियल एस्टेट को नई जमीन के साथ विकास को रफ्तार मिलेगी।
मधुबन बापूधाम आवासीय योजना के करीब दो दशक बाद प्राधिकरण की ओर से इतनी बड़ी नियोजित आवासीय योजना है, जिसका असर प्रस्तावित सेक्टरों से आसपास के गांव बाजार और रोजगार तक पहुंचने की संभावनाएं है।
हरनंदीपुरम टाउनशिप का पहला असर भूमि और अवस्थापना पर होगा। करीब 1288 एकड़ क्षेत्र में सड़क, हरित क्षेत्र और नागरिक सुविधाओं के विकास के साथ आसपास की जमीन की उपयोगिता बढ़ेगी।
इसके बाद निर्माण गतिविधियां शुरू होंगी तो सीमेंट, सरिया, ईंट, रेत, सैनिटरी, इलेक्ट्रिकल और मशीनरी से जुड़े कारोबार में मांग बढ़ेगी। यानी टाउनशिप में लगने वाला एक रुपये का निर्माण निवेश कई स्थानीय कारोबारों तक पहुंचने वाली आर्थिक गतिविधि पैदा करेगा।
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इसके साथ आवासीय विकास के साथ सेवाओं का बाजार खड़ा होगा। मकानों और अपार्टमेंट के साथ दुकान, स्कूल, अस्पताल, कार्यालय, होटल, रेस्टोरेंट, बैंक, जिम और दूसरी सेवाओं की जरूरत पैदा होगी।
रोजगार पर पड़े्गा सीधा असर
जीडीए उपाध्यक्ष नन्द किशोर कलाल ने बताया कि टाउनशिप विकसित होने पर स्थानीय दुकानदारों, सेवा प्रदाताओं और छोटे कारोबारियों के लिए नया ग्राहक बनेंगे, जिसका सीधा असर रोजगार पर पड़ेगा।
निर्माण के दौरान राजमिस्त्री, मजदूर, इंजीनियर, आर्किटेक्ट, मशीन आपरेटर और परिवहन से जुड़े लोगों को काम मिलेगा। आबादी बसने के बाद सुरक्षा, सफाई, डिलीवरी, घरेलू सेवाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और खुदरा कारोबार में स्थायी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
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