गाजियाबाद में घर बनाने का सुनहरा मौका! GDA विकसित करेगा हाई-टेक 'हरनंदीपुरम' टाउनशिप, जानें पूरी योजना
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने दो दशक बाद मधुबन बापूधाम के बाद हरनंदीपुरम नामक नई आवासीय टाउनशिप को मंजूरी दी है। ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर एआई जनरेटेड
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। मधुबन बापूधाम के बाद करीब दो दशक के लंबे अंतराल के बाद जीडीए हरनंदीपुरम नाम से एक बड़ी आवासीय टाउनशिप को धरातल पर उतारने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। बृहस्पतिवार को बोर्ड बैठक में हरनंदीपुरम टाउनशिप के लेआउट को मंजूरी मिल गई है।
इसके साथ ही राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र में प्रस्तावित इस महत्वाकांक्षी टाउनशिप के पहले चरण को विकसित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। जीडीए इसे आधुनिक सुविधाओं से युक्त और सुव्यवस्थित टाउनशिप के रूप में विकसित करने की तैयारी है।
पहले चरण में इस भूमि का होगा अधिग्रहण
हरनंदीपुरम का व्यापक क्षेत्र करीब 501 हेक्टेयर है। पहले चरण में भोवापुर और शाहपुर निज मोरटा की अधिगृहीत 47.1612 हेक्टेयर भूमि पर विकास प्रस्तावित है। इसमें 24.1213 हेक्टेयर भूमि का भू-उपयोग कृषि से आवासीय किया जा चुका है।
बोर्ड से लेआउट स्वीकृत होने के बाद डीपीआर और अन्य तकनीकी औपचारिकताओं को पूरा कर योजना को आगे बढ़ाया जाएगा। जीडीए उपाध्यक्ष नन्द किशोर कलाल ने बताया कि हरनंदीपुरम को सामान्य आवासीय कालोनी के बजाय सुनियोजित टाउनशिप के रूप में विकसित करने की योजना है।
लेआउट में चौड़ी सड़कें, आधुनिक सीवरेज-ड्रेनेज नेटवर्क, पार्क और हरित क्षेत्र के साथ सामुदायिक सुविधाएं प्रस्तावित हैं। उन्होंने बताया कि टाउनशिप में इसके अलावा गोल्फ कोर्स, फूड कोर्ट, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाएं तथा स्मार्ट अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की योजना है। विभिन्न गतिविधियों से करीब एक हजार से अधिक लोगों के लिए रोजगार विकसित होगा।
मधुबन के बाद पहली बड़ी छलांग
गाजियाबाद में मधुबन बापूधाम योजना के बाद लंबे समय से कोई ऐसी बड़ी नियोजित आवासीय योजना आकार नहीं ले सकी थी, जो शहर के भविष्य के विस्तार को नई दिशा दे। मधुबन बापूधाम की योजना 2000 के दशक में शुरू हुई थी और बाद में इसका विस्तार तथा आवंटन प्रक्रिया चली। अब हरनंदीपुरम को शहर के अगले बड़े विस्तार के रूप में देखा जा रहा है।
हरनंदीपुरम एक नजर में
- व्यापक टाउनशिप क्षेत्र : करीब 501 हेक्टेयर
- पहले चरण का लेआउट : 47.1612 हेक्टेयर
- आवासीय उपयोग में परिवर्तित भूमि : 24.1213 हेक्टेयर
- प्रमुख गांव : भोवापुर और शाहपुर निज मोरटा
- प्रस्तावित सुविधाएं : चौड़ी सड़कें, पार्क, हरित क्षेत्र, सीवरेज-ड्रेनेज, गोल्फ कोर्स, फूड कोर्ट, शिक्षा-स्वास्थ्य और स्मार्ट सुविधाएं
- अगला चरण : डीपीआर, तकनीकी औपचारिकताएं और योजना का विकास
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