दो बल्ब, एक पंखा और ट्यूब लाइट… फिर भी हजारों का बिल! गाजियाबाद में स्मार्ट मीटर बना सिरदर्द
गाजियाबाद में स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं के बिजली बिल में कई गुना बढ़ोतरी हुई है, जिससे वे परेशान ...और पढ़ें

परेशानी का सबब बने स्मार्ट मीटर। (AI Generated Image)
HighLights
स्मार्ट मीटर लगने से बिजली बिल में भारी बढ़ोतरी।
प्रीपेड प्रणाली से बैलेंस खत्म होते ही बिजली गुल।
विद्युत निगम कार्यालयों में प्रतिदिन 50 से अधिक शिकायतें।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। स्मार्ट मीटर से पारदर्शिता और सटीक बिलिंग की उम्मीद कर रहे उपभोक्ताओं के लिए यह व्यवस्था अब परेशानी का कारण बनती जा रही है। जिले में ढाई लाख से अधिक मीटरों को प्रीपेड प्रणाली में बदले जाने के बाद उपभोक्ताओं का आरोप है कि उनके बिजली बिल में कई गुना बढ़ोतरी हो गई है।
लोगों का कहना है कि जहां पहले पुराने मीटर से मासिक बिल 700 से 800 रुपये के बीच आता था, वहीं स्मार्ट मीटर लगने के बाद वही बिल तीन से चार हजार रुपये तक पहुंच रहा है। दुकानदारों का दावा है कि दुकान में केवल दो बल्ब, एक पंखा और एक ट्यूब लाइट चलाने के बावजूद उन्हें हजारों रुपये का भुगतान करना पड़ रहा है। सबसे बड़ी परेशानी प्रीपेड प्रणाली को लेकर सामने आ रही है।
रोज आ रहीं 50 से ज्यादा शिकायतें
जैसे ही बैलेंस निगेटिव होता है, बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है। इससे व्यवसायिक और घरेलू उपभोक्ताओं दोनों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विद्युत निगम के कार्यालयों में प्रतिदिन 50 से अधिक शिकायतें बिल संशोधन को लेकर पहुंच रही हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर की रीडिंग वास्तविक खपत से मेल नहीं खा रही है, जिसके चलते उन्हें अनावश्यक आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है।
