गाजियाबाद में पुलिस भर्ती की दौड़ में 12 अभ्यर्थी क्यों हुए बेहोश? डॉक्टरों ने बताया कारण और बचाव के उपाय
गाजियाबाद में पुलिस भर्ती दौड़ के दौरान एक दर्जन अभ्यर्थी बेहोश हो गए, जिन्हें तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने इसके पीछे की वजह बताई है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर, एआई जेनरेटेड

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। पुलिस में भर्ती होने की चाह लिये युवाओं को सेहत का ख्याल रखना भी जरूरी है। मंगलवार को भर्ती में दौड़ लगा रहे एक दर्जन अभ्यर्थी बेहोश होकर गिर पड़े।
इन सभी अभ्यर्थियों को तुरंत संजयनगर स्थित जिला संयुक्त अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया।
सांस लेने में हो रही थी परेशानी
इमरजेंसी मेडिकल आफिसर (ईएमओ) डॉ.खुशबू सिंह रघुवंशी ने एक-एक करके सभी को चेक किया और स्टेबल करने के लिये उपचार शुरू किया। सांस लेने में परेशानी वाले अभ्यर्थियों को नेमुलाइजेशन भी करना पड़ा।
ईएमओ ने सभी की दो दिन की हिस्ट्री पूछी तो चौकाने वाली बात सामने आई। ईएमओ ने बताया कि सोमवार रात को किसी ने भी खाना नहीं खाया था और रात को प्रैक्टिस भी करते रहे।
लगातार दौड़ना हो सकता है घातक
धूप में दौड़ने से कई बार डिहाइड्रेशन और ऐसे में लगातार दौड़ने से कार्डयिक एरेस्ट की संभावना बढ़ जाती है। इससे जान भी जा सकती है। हालांकि दो घंटे तक सभी अभ्यार्थियों का इलाज करने के बाद और हालत में सुधार होने के बाद ही डिस्चार्ज कर दिया गया।
4800 मीटर की दौड़
सिपाही भर्ती में अभ्यर्थियों को 4800 मीटर की दौड़ 25 मिनट में पूरी करनी होती है। 600 मीटर का एक चक्कर होता है। ऐसे में 12 चक्कर अभ्यर्थी को लगाने पड़ते हैं।
गोविंदपुरम स्थित पीएसी मैदान में मंगलवार को दौड़ते वक्त अंकुर, राहुल, भाविक, गौरव, सूरज, राकेश, हेमेंद्र, योगेश, बंटी, अंकित, सचिन और विवेक कुमार की तबीयत खराब हो गई थी।
दौड़ लगाते समय संतुलित आहार के संग खूब पानी पीना चाहिये। उत्साहित और निराशा जैसी सोच को दूर रखना चाहिये। कई की सेहत की हिस्ट्री जानने पर पता चला कि भर्ती का अंतिम अवसर था। ऐसे में किसी भी कीमत पर दौड़ में पास होने की इच्छा थी। यह एंजाइटी का कारण बन जाता है। रात को प्रैक्टिस करना।
- डा.खुशबू सिंह रघुवंशी,ईएमओ जिला संयुक्त अस्पताल
