गाजियाबाद: बच्ची से दरिंदगी करने वाले 60 वर्षीय दोषी को 20 साल की सजा, 50 हजार का जुर्माना भी लगाया
गाजियाबाद की विशेष पॉक्सो कोर्ट ने एक मामले पर सुनवाई करते हुए 60 साल के व्यक्ति को 20 साल की ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर, एआई जेनरेटेड
HighLights
60 वर्षीय सतीश कुमार को 20 साल की कठोर कैद।
मासूम बच्ची से दुष्कर्म का दोषी ठहराया गया।
50 हजार रुपये जुर्माना पीड़िता के पुनर्वास हेतु।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। विशेष पॉक्सो कोर्ट ने आठ साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के एक मामले में फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपित 60 वर्षीय सतीश कुमार को 20 साल के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
सजा सुनाते समय अदालत ने कहा कि इस प्रकार का कृत्य पड़ोस में रहने वाले लोगों के प्रति असुरक्षा की भावना पैदा करता है। जिससे समाज में पड़ोसी पर विश्वास न करने की भावना बढ़ती है।
पड़ोसी ने बच्ची के साथ किया दुष्कर्म
विशेष लोक अभियोजक सतीश शर्मा ने बताया कि घटना आठ जून 2022 की दोपहर करीब ढाई बजे की है। थाना विजयनगर क्षेत्र की सैन विहार कॉलोनी में चार साल की बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी। इस दौरान पड़ोस में ही रहने वाला आरोपित सतीश कुमार बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया।
काफी देर तक जब बच्ची नहीं मिली तो स्वजन ने उसकी तलाश शुरू की। पीड़िता की मां जब आरोपित के घर के दरवाजे की जाली से अंदर झांककर देखा तो वह बच्ची के साथ दुष्कर्म कर रहा था। पुलिस ने बच्ची के पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की।
अदलात में पेश किए गए 7 गवाह
साक्ष्यों व मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर अदालत में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल सात गवाह पेश किए गए। बचाव पक्ष की ओर से पैसे के लेन-देन के विवाद और रंजिश में झूठा फंसाए जाने का दावा करते हुए छह सफाई गवाह पेश किए गए, जिन्हें अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में खारिज कर दिया।
अदालत ने अपने फैसले में टिप्पणी की कि समाज में पड़ोसियों पर विश्वास की भावना को ठेस पहुंचाने वाला यह कृत्य बेहद घृणित और गंभीर प्रकृति का है। 20 साल के कठोर कारावास की सजा के साथ ही अदालत ने यह भी आदेश दिया कि दोषी से वसूला जाने वाला पूरा 50 हजार रुपये का अर्थदंड पीड़िता के चिकित्सीय व्यय और पुनर्वास के लिए दिया जाएगा।
