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100% टैक्स-रजिस्ट्रेशन छूट फिर भी नहीं बढ़ी रुचि, गाजियाबाद में परिवर्तन योजना में सिर्फ 26 आवेदन

Published: Tue, 15 Sep 2026 03:21 AM (IST)

गाजियाबाद में पुराने प्रदूषणकारी व्यावसायिक वाहनों को हटाने के लिए शुरू की गई परिवर्तन योजना को अपेक्षित गति नहीं मिल ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।

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HighLights

  1. गाजियाबाद में परिवर्तन योजना को अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिल रही।

  2. 9,566 पुराने व्यावसायिक वाहनों में से सिर्फ 26 आवेदन।

  3. 100% टैक्स-पंजीकरण छूट जैसे बड़े प्रोत्साहन भी बेअसर।

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। पुराने प्रदूषणकारी व्यावसायिक वाहनों को सड़क से हटाकर नए बीएस-6 और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई परिवर्तन योजना अभी रफ्तार नहीं पकड़ सकी है।

जिले में योजना के दायरे में आने वाले 9,566 पुराने व्यावसायिक वाहनों के मुकाबले अब तक महज 26 आवेदन आए हैं। इनमें 7,757 ट्रक और 1,809 बसें शामिल हैं।

बड़ी आर्थिक छूट और कई प्रोत्साहनों के बावजूद आवेदन की संख्या कम होने से योजना के प्रचार-प्रसार और वाहन स्वामियों की रुचि पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

योजना के तहत पुराने वाहन को अधिकृत पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा (आरवीएसएफ) में स्क्रैप कराने के बाद नया बीएस-6 वाहन खरीदने पर मोटर वाहन कर और पंजीकरण शुल्क में 100 प्रतिशत छूट का प्राविधान है।

इसके अलावा एक वर्ष से अधिक पुराने लंबित टैक्स में राहत, ऋण ब्याज पर अनुदान, वाहन निर्माता की छूट और बीएस-6 डीजल और सीएनजी वाहनों पर ईंधन वाउचर का लाभ भी मिलेगा। इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर श्रेणी के अनुसार एकमुश्त प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।

तीन चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया

योजना का लाभ लेने के लिए वाहन स्वामी को पहले आनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर परिवर्तन आइडी प्राप्त करनी होगी। इसके बाद पुराने वाहन को अधिकृत आरवीएसएफ में स्क्रैप कराया जाएगा। स्क्रैपिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद केंद्र की ओर से सीओडी जारी किया जाएगा।

इसके आधार पर वाहन स्वामी नए वाहन के पंजीकरण और योजना में निर्धारित छूट का लाभ ले सकेगा। यानी केवल पुराना वाहन स्क्रैप कराने से योजना का लाभ स्वत: नहीं मिलेगा, निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

प्रदूषणकारी वाहनों पर रोक भी उद्देश्य

परिवर्तन योजना का एक बड़ा उद्देश्य आयु और उत्सर्जन मानक पूरा कर चुके पुराने वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाना है। खासकर पुराने डीजल ट्रकों और बसों से निकलने वाले पीएम और एनओएक्स को वायु प्रदूषण का प्रमुख स्रोत माना जाता है।

ऐसे में कम आवेदन होने से सड़क से पुराने वाहनों को हटाने की गति भी प्रभावित हो सकती है।

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अपेक्षा के अनुसार अभी आवेदन कम आए हैं। वाहन स्वामियों को योजना के लाभ के बारे में जानकारी दी जा रही है। जल्द ही आवेदनों में प्रगति होने की उम्मीद है।

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अशोक कुमार श्रीवास्तव, एआरटीओ प्रशासन, गाजियाबाद