गाजियाबाद में स्क्रैप फर्म में 1.15 करोड़ की कर चोरी का खुलासा, 1.31 करोड़ का अतिरिक्त स्टॉक सीज
राज्य कर विभाग ने गाजियाबाद की एक स्क्रैप फर्म में 1.15 करोड़ रुपये की कर चोरी का खुलासा किया है। ...और पढ़ें
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गाजियाबाद स्क्रैप फर्म में 1.15 करोड़ की कर चोरी का बड़ा खुलासा।
HighLights
गाजियाबाद स्क्रैप फर्म में 1.15 करोड़ की कर चोरी उजागर।
घोषित स्टॉक से 1.31 करोड़ का अतिरिक्त स्क्रैप मिला।
फर्म पर 23 लाख रुपये की पेनाल्टी लगाने के निर्देश।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। राज्य कर विभाग की टीम ने जांच के दौरान नीलामी के कबाड़ वाहनों की आड़ में स्क्रैप के खेल का खुलासा किया है। वाइजीए स्टार ऑटो स्क्रेपिंग सेंटर प्राइवेट लि. में दो दिन चली विशेष अनुसंधान शाखा की जांच में जांच के दौरान रिटर्न में बिक्री गायब मिली और घोषित स्टॉक से 1.31 करोड़ रुपये का स्क्रैप अधिक मिला।
जांच के शुरूआत में 1.15 करोड़ रुपये के करापवंचन का मामला सामने आया है। फर्म ने 72 लाख रुपये की आरसीएम आइटीसी भी बिना कैश जमा किए क्लेम की थी।
राज्य कर विभाग के मुताबिक फर्म भनेडा खुर्द लोनी में वाहनों को डिसमेंटल कर आयरन, कापर, एल्युमिनियम, प्लास्टिक और रबर स्क्रैप अलग-अलग करके उसका भंडारण कर रही थी। जांच में एमसीडी और विभिन्न थानों से नीलामी में मिले निष्प्रयोज्य वाहनों को डिसमेंटल किए जाने की जानकारी मिली।
फर्म ने जून 2026 के बाद रिटर्न दाखिल नहीं किया था। इसके अलावा विभिन्न प्रकार के स्क्रैप की खरीद के बावजूद रिटर्न में उसकी बिक्री नहीं दर्शाई जा रही थी। विभाग ने फर्म के दस्तावेज और लैपटाप कब्जे में लेने के साथ सीसीटीवी डीवीआर भी सीज किया है। इनमें उपलब्ध रिकॉर्ड और आंकड़ों की विस्तृत जांच के बाद करापवंचन की वास्तविक स्थिति और स्पष्ट होगी।
फर्म के खिलाफ जीएसटी अधिनियम के तहत अग्रेतर कार्रवाई जारी है। जांच टीम में संयुक्त आयुक्त विशेष अनुसंधान शाखा अजय प्रताप सिंह, सहायक आयुक्त विपिन शुक्ला तथा राज्य कर अधिकारी सतीश कुमार तिवारी, विनोद कुमार दूबे और ब्रज कृष्णा शामिल रहे।
49.89 लाख के ई-वे बिल पर भी संदेश के घेरे में
डेटा विश्लेषण में फर्म द्वारा 49.89 लाख रुपये के ई-वे बिल बिना ठोस आधार के निरस्त किए जाने की बात सामने आई। बोवेव पोर्टल पर फर्म का रिस्क स्कोर 10 मिला। इसके बाद अपर आयुक्त राज्य कर जोन प्रथम गाजियाबाद अजय कुमार गौतम (आइएएस) से अनुमति लेकर विशेष अनुसंधान शाखा रेंज-बी की टीम ने जांच की।
23 लाख की पेनाल्टी के निर्देश
जांच में घोषित स्टॉक से 131.88 लाख रुपये का अतिरिक्त स्क्रैप मिला, जबकि 82 हजार रुपये का प्लास्टिक स्क्रैप कम मिला। अतिरिक्त स्टॉक पर करीब 23 लाख रुपये की पेनाल्टी बनती है, जिसे जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के बाद व्यापारी ने पांच लाख रुपये नकद जमा किए।
