गाजियाबाद में ISI नेटवर्क का खुलासा: हिंदू युवाओं को फंसाने की साजिश, मसूद अजहर के भाषणों से किया ब्रेनवॉश
गाजियाबाद में पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहे छह आरोपितों, जिनमें सुहेल और इरम शामिल हैं, को गिरफ्तार किया गया ...और पढ़ें
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छह आरोपितों में सुहेल और इरम से पाकिस्तानी की हैंडलर लगातार संपर्क में थे।
HighLights
ISI ने हिंदू युवाओं को जासूसी नेटवर्क में फंसाया।
आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को बनाया निशाना।
मसूद अजहर की तकरीरों से किया गया ब्रेनवाश।
हसीन शाह, गाजियाबाद। गिरफ्तार किए गए पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहे छह आरोपितों में सुहेल और इरम से पाकिस्तानी की हैंडलर लगातार संपर्क में थे। उन्होंने सुहेल और इरम को अधिक से अधिक हिंदू युवाओं और महिलाओं को नेटवर्क में जोड़ने के निर्देश दिए थे। आर्थिक रूप से कमजोर हिंदू युवक इनके जाल में फंस रहे थे।
पुलिस ने 14 अन्य जिन संदिग्धों को हिरासत में लिया है उनमें भी कई हिंदू और एक महिला भी शामिल है। हिंदू युवाओं का इस्तेमाल जान के लिए जोखिम भरे कामों में किया जाना था।
पाकिस्तान में बैठे आईएसआई के एजेंट लगातार दिशा निर्देश दे रहे थे कि वह हिंदू युवाओं से अधिक से संपर्क करें। जब वह बिल्कुल विश्वासपात्र बन जाए तो उन्हें प्रमुख सूचनाएं उपलब्ध कराई जाएं। अगर उन पर विश्वास न हो तो उन्हें पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों के बारे में न बताया जाए। सुहेल और इरम इसी पैटर्न को आगे बढ़ा रहे थे। प्रवीन को सुहेल और हैंडलरों ने अपना विश्वास पात्र बना लिया था।
सुहेल ने काफी संख्या में हिंदू युवाओं को जोड़ा
सुहेल की तरह प्रवीन को भी हिंदू युवाओं को जोड़ने की जिम्मेदारी दी थी। सुहेल ने काफी संख्या में हिंदू युवाओं को इस नेटवर्क से जोड़ लिया था। गिरफ्तार किए गए शिवा बाल्मिकी, राज बाल्मिकी, रितिक गंगवार और प्रवीन को नेटवर्क में इसी पैटर्न के मुताबिक जोड़ा गया था। पुलिस ने इस संबंध में जिन 14 संदिग्ध युवाओं को हिरासत में लिया है। इनमें कुछ हिंदू और एक महिला भी है।
हालांकि सुरक्षा एजेंसियां हिरासत में लिए गए युवाओं के बारे में कुछ भी बताने से बच रही हैं। जिन कामों में जान का जोखिम अधिक था उन कामों को कराने के लिए हिंदू युवाओं का इस्तेमाल किया जाना था। हथियारों को रखने की जिम्मेदारी भी हिंदू युवाओं को दी जानी थी। सोनीपत में कैमरे लगाने की जिम्मेदारी प्रवीन को दी गई थी। एजेंसियों को अंदेशा है कि पाकिस्तानी हैंडलर हिंदुओं को बदनाम करने और मुस्लिमों को कम नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य हिंदू युवाओं को जोड़ने का निर्देश दिया गया था।
सुनाई गई थीं आतंकी मसूद अजहर की तकरीरें
सलीम वास्तविक पर हमला करने वाले आरोपित जीशान और गुलफाम मुठभेड़ में पुलिस ने ढेर कर दिया था। जिस वजह से सुहेल व इरम सहित अन्य मुस्लिम जासूस डर गए थे। ऐसे में उन्होंने पाकिस्तानी हैंडलरों से दूरी बनानी शुरू कर दी थी। सुहेल ने पाकिस्तानी हैंडलरों ने इसका जिक्र भी किया था। ऐसे में हैंडलरों को काफी समय तक सुहेल का ब्रेन वाश करना पड़ा था।
आईएसआईए के एजेंटों ने सुहेल से कहा था कि सलीम वास्तविक पर हमला करने वाले गुलफाम और जीशान की मौत नहीं हुई है। बल्कि शहादत (बलिदान) को गले लगाया है। उन्हें अब जन्नत मिलेगी। हमारी-आपकी जिंदगी जन्नत की जिंदगी के सामने कुछ नहीं है। हैंडलरों ने उन्हें शहीद का दर्जा दिया।
ब्रेन वॉश करने के लिए आतंकी मसूद अजहर और हाफिज सईद आडियो और वीडियो के जरिये तकरीरें सुनवाई गई थीं। मसूद अजहर अपनी तकरीर में जिहाद, शहादत और जन्नत का नाम लेकर बरगला रहा था। बताया गया कि ससूद अजहर की ये पुरानी तकरीरें थी। हैंडलर सभी आरोपित मुस्लिम युवकों का ब्रेन वाश करने में सफल हो गए थे। जिस वजह से वह पाकिस्तानी हैंडलरो संपर्क में बने रहें।
पुणे में भी हिंदू युवाओं को जोड़ा गया
सूत्रों के मुताबिक सुहेल तीन वर्ष तक पुणे में रहा। वह वहां पर ब्रेड का काम करता था। ब्रेड काम केवल दिखावे के लिए था। जबकि उसे आइएसआइ से पैसा आ रहा था। फैक्ट्री में ब्रेड का काम करने वाले अन्य हिंदू युवाओं को अपने साथ जोड़ रहा था। हिंदू युवाओं को किस तरह से जोड़ना है इसके निर्देश भी उसे पाकिस्तान से मिल रहे थे।
