बालकनी बन रही मौत का मुंह, नहीं थम रहे हादसे, आखिर कब जागेंगे नींद से बिल्डर?
गाजियाबाद की हाईराइज सोसायटियों में बालकनी की सुरक्षा एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है, जहां कम ऊंचाई की ...और पढ़ें

बालकनी बन रही मौत का मुंह ( एआई जेनरेटेड इमेज )
HighLights
गाजियाबाद हाईराइज बालकनी में सुरक्षा अनदेखी, कई जानलेवा हादसे हुए।
कम ऊंचाई की रेलिंग और खुले हिस्से बने हादसों की मुख्य वजह।
बिल्डरों, प्राधिकरण को बालकनी सुरक्षा मानक सख्त करने की मांग।
दीपा शर्मा, गाजियाबाद। हाईराइज सोसायटियों में बालकनी की खूबसूरती और खुलेपन के बीच सुरक्षा का सवाल लगातार अनदेखा हो रहा है। कम ऊंचाई की रेलिंग, खुले हिस्से और कमजोर सुरक्षा इंतजाम कई परिवारों के लिए जानलेवा साबित हुए हैं।
जिले में बालकनी और ऊंची मंजिलों से गिरने के कई जानलेवा हादसे सामने आए हैं। इनमें मासूम बच्चों से लेकर किशोर और वयस्क और बुजुर्गों तक की जान जा चुकी है। हाल ही में ग्रेटर नोएडा वेस्ट की महागुन मायवुड्स सोसायटी में 23वीं मंजिल से गिरकर पिता और 11 वर्षीय बेटे की मौत ने एक बार फिर बालकनी की सुरक्षा की ओर ध्यान खींचा है।
आखिर कब करेंगे बिल्डर ठोस मानक लागू?
सवाल यह है कि आखिर कितने हादसों के बाद बिल्डर, एओए और प्राधिकरण बालकनी की रेलिंग की ऊंचाई, मजबूती और खुले हिस्सों की सुरक्षा को लेकर ठोस मानक लागू करेंगे?
जिले में करीब 450 आवासीय हाईराइज सोसायटी हैं। इनमें बड़ी संख्या में ऐसी सोसायटी हैं, जहां बालकनी की रेलिंग सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं है। बीते सालों में बालकनी और खिड़कियों से बच्चों के गिरने की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं।
स्थायी समाधान पर पर्याप्त ध्यान नहीं...
हादसों के बाद अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है, लेकिन स्थायी समाधान पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता। रेलिंग की ऊंचाई की जांच, खुले हिस्सों को सुरक्षित करने और अतिरिक्त जाली लगाने के लिए स्पष्ट नियम जरूरी हैं।
बिल्डर, एओए और प्राधिकरण के बीच जिम्मेदारी तय नहीं होने से भी समस्या बनी हुई है। इमारतों के निर्माण से लेकर रखरखाव तक सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है।
छोटे बच्चों के साथ ज्यादा हो रहे हादसे
छोटे बच्चों के बालकनी तक पहुंचने पर हादसे की आशंका और बढ़ जाती है। अभी तक के हाईराइज सोसायटियों की बालकनी से गिरने पर हुई मौत के मामलों में सबसे ज्यादा घटनाएं छोटे बच्चों के साथ हुई हैं।
इमारतों में रेलिंग की ऊंचाई और डिजाइन को लेकर एकरूपता नहीं दिखाई देती। कहीं रेलिंग कम ऊंचाई की है, तो कहीं उसके बीच पर्याप्त सुरक्षा अवरोध नहीं हैं। ऐसे में बच्चे आसानी से रेलिंग के पास पहुंच सकते हैं।
हर हादसे के बाद अभिभावकों को बच्चों पर नजर रखने और बालकनी से दूर रखने की सलाह दी जाती है। जो समाधान नहीं है। रेलिंग की न्यूनतम ऊंचाई तय करने के साथ मजबूत जाली और सुरक्षित डिजाइन अनिवार्य किए जाने चाहिए।- एनके नेगी, सिद्धार्थ विहार
हाईराइज सोसायटियों में बच्चों की सुरक्षा केवल माता-पिता की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि बिल्डर, आरडब्ल्यूए और सोसायटी प्रबंधन की भी सामूहिक जिम्मेदारी है। बालकनी, खिड़कियों और खुले स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए।- अनुज त्यागी, राजनगर एक्सटेंशन
बालकनी, खिड़कियों और खुले स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करना बेहद जरूरी है। एक छोटी-सी लापरवाही किसी मासूम की जिंदगी छीन सकती है। समय रहते सतर्कता बरती जाए और सुरक्षा की जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाई जाए।- विमल गोयल, राजनगर एक्सटेंशननिर्माण में अच्छी गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल हो और रेलिंग इतनी मजबूत हो कि उस पर सहारा लेने या दबाव पड़ने पर वह कमजोर न पड़े। बिल्डरों को डिजाइन के साथ-साथ सुरक्षा के व्यावहारिक पहलुओं को भी प्राथमिकता देनी चाहिए। - अजित कुमार त्यागी, सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता
रेलिंग की ऊंचाई मानक के अनुरूप करीब 1.20 मीटर जरूरी है। इमारत जितनी ऊंची होती है, वहां खतरा भी उतना ही बढ़ जाता है, इसलिए रेलिंग की ऊंचाई और अधिक रखने पर विचार होना चाहिए। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलिंग की ऊंचाई 1.40 मीटर तक रखी जानी चाहिए। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलिंग के डिजाइन में गैप तीन चार इंच से ज्यादा नहीं होना चाहिए।
19 फरवरी 2018 : इंदिरापुरम की जयपुरिया सनराइज ग्रींस में 10वीं मंजिल से गिरकर चार वर्षीय बच्ची की मौत।
26 फरवरी 2018 : इंदिरापुरम की शिप्रा कृष्णा विस्टा में छठी मंजिल से गिरकर 14 वर्षीय किशोरी की मौत।
21 मार्च 2018 : राजनगर एक्सटेंशन की केडब्ल्यू सृष्टि में पांचवीं मंजिल की बालकनी से गिरकर चार वर्षीय बच्चे की मौत।
25 अप्रैल 2019 : क्रासिंग रिपब्लिक की 12वीं मंजिल की बालकनी से गिरकर पांच वर्षीय बच्ची की मौत।
4 सितंबर 2020 : इंदिरापुरम की ऋषभ पैराडाइज में 11वीं मंजिल की बालकनी का हिस्सा टूटने से 24 वर्षीय युवक की मौत।
23 जनवरी 2026 : इंदिरापुरम की साया एवेन्यू गोल्ड में 15 वर्षीय राज्यस्तरीय क्रिकेटर की बालकनी से गिरकर मौत।
25 सितंबर 2026: राजनगर एक्सटेंशन की राजनगर रेजिडेंसी में 12वीं मंजिल से गिरकर 14 वर्षीय छात्रा की मौत।
23 अक्टूबर 2026 : राजनगर एक्सटेंशन स्थित यूनिनव हाइट्स में 76 वर्ष के बुजुर्ग की बालकनी से गिरकर मौत।
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