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30 अजगर, 71 कोबरा, 62 वाइपर, तेंदुआ और मोर का किया रेस्क्यू; गाजियाबाद में 574 वन्यजीवों को बचाया

Published: Sat, 03 Oct 2026 09:36 PM (IST)

गाजियाबाद वन विभाग ने सितंबर 2025 से सितंबर 2026 के बीच 574 वन्यजीवों को सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया। इसमें 30 अजगर, 71 कोबरा, 62 वाइपर, एक तेंदुआ भी है।

शिवालिक के पास बरकला वन रेंज में छोड़ा गया तेंदुो। सौ. वन विभाग

शिवालिक के पास बरकला वन रेंज में छोड़ा गया तेंदुो। सौ. वन विभाग

HighLights

  1. वन विभाग ने 574 वन्यजीवों को सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया।

  2. इसमें अजगर, कोबरा, वाइपर, तेंदुआ और मोर शामिल थे।

  3. वन्यजीव संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए गए।

जतिन त्यागी, गाजियाबाद। आबादी का विस्तार बढ़ने के साथ जंगल और इंसानों के बीच की दूरी कम हो रही है। इस कारण वन्यजीवों के आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंचने के मामले सामने आते रहते हैं। इसलिए वह विभाग को वन विभाग को सांप से लेकर तेंदुए और पक्षियों तक के रेस्क्यू के लिए लगातार सक्रिय रहना पड़ता है। वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने सितंबर 2025 से सितंबर 2026 के बीच 574 वन्यजीवों को सुरक्षित रेस्क्यू कर प्राकृतिक आवास में छोड़ा।

रेस्क्यू कर प्राकृतिक आवासों में छोड़ा

इस अवधि में वन विभाग ने 30 अजगर, 71 कोबरा और 62 वाइपर सांपों का रेस्क्यू किया गया। इसके अलावा 72 मानिटर लिजर्ड को भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। वन्यजीवों को रेस्क्यू करने के बाद उन्हें आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।

वहीं, एक तेंदुए का रेस्क्यू कर उसके पुनर्वास की कार्रवाई भी की गई। इनके अलावा पक्षियों के संरक्षण में भी विभाग ने अभियान चलाया। एक वर्ष के दौरान 31 उल्लू एवं अन्य पक्षियों का रेस्क्यू किया गया। अन्य पक्षियों में 31 मोर भी शामिल हैं। इस तरह विभिन्न प्रजातियों को सुरक्षित करने के लिए विभाग की रेस्क्यू टीमों ने लगातार अभियान चलाया।

चौपालों के माध्यम से किया जागरूक

वन विभाग ने वन्यजीवों और पक्षियों को रेस्क्यू करने के साथ ही करीब 95 ग्राम चौपालों के माध्यम से ग्रामीणों के बीच वन्यजीव संघर्ष के प्रति जागरूकता किया। विभागीय आंकड़ों के अनुसार 105 गांवों में जन जागरूकता गोष्ठियां आयोजित की गईं। इन गोष्ठियों में छह टीमों ने 120 गांव में ग्रामीणों को तेंदुए, सांप व अन्य वन्यजीवों की मौजूदगी में सावधानियों और वन विभाग को सूचना देने के तरीकों के बारे में जागरूक किया।

"वन्य जीव संरक्षण सप्ताह आठ अक्टूबर तक मनाया जा रहा है। एक साल में जिले में 574 वन्य जीव रेस्क्यू किए गए हैं। वन्य जीव संरक्षण को लोगों को जागरूक किया जा रहा है।"

-सलोनी मलिक, उप मंडलीय वन अधिकारी।

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