गाजियाबाद में विवादित जमीन पर प्रोजेक्ट दिखा करोड़ों की ठगी, बिल्डर समेत 9 पर FIR
गाजियाबाद के नंदग्राम थाने में साया ग्रुप समेत नौ लोगों के खिलाफ विवादित जमीन पर प्रोजेक्ट दिखाकर प्लॉट बेचने और ...और पढ़ें
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सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
विवादित मोरटा जमीन पर प्लॉट बेचने का आरोप।
साया ग्रुप और नौ लोगों पर धोखाधड़ी का केस।
प्री-लॉन्च बुकिंग से सैकड़ों लोगों से करोड़ों की ठगी।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। मोरटा गांव में विवादित जमीन को अपना बताकर प्लॉट बेचने और लोगों से ठगी करने का आरोप लगाते हुए मधुबन बापूधाम थाने में बिल्डर समूह और प्रॉपर्टी से जुड़े लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
आरोप है कि सड़क किनारे बोर्ड लगाकर प्रॉपर्टी की बिक्री की जा रही थी। मौके पर पहुंचने वाले ग्राहकों को जमीन पर मालिकाना हक, नक्शा पास होने और रेरा में पंजीकरण के लिए आवेदन किए जाने की जानकारी दी गई।
शिकायतकर्ता राजेंद्र प्रसाद मिश्रा डब्ल्यूबिल्डकान के विधिक प्रतिनिधि हैं। उन्होंने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि कंपनी ने वर्ष 2013 में एक पार्टनरशिप फर्म के साथ अनुबंध कर मोरटा गांव की करीब 8.32 हेक्टेयर जमीन को विकसित और बेचने का अधिकार हासिल किया था। आरोप है कि वर्ष 2026 में इस जमीन पर साया ग्रुप से जुड़े लोगों ने अधिकार जताते हुए इसे विकसित करने और बेचने की योजना बनाई।
आठ फरवरी को भी दर्ज हुई थी FIR
इसको लेकर पहले भी आठ फरवरी 2026 को मधुबन बापूधाम थाने में एक एफआईआर दर्ज हुई। 28 फरवरी को शिकायतकर्ता कंपनी के लोगों के साथ ग्राहक बनकर मौके पर पहुंचे। उन्हें वहां कई लोग संपत्ति के संबंध में आए हुए दिखे। कई प्रॉपर्टी एजेंट भी मौजूद थे।
आरोप है कि एजेंटों ने जमीन को साया बिल्डर के नाम बताते हुए रजिस्टर्ड सेल डीड, स्वीकृत नक्शे और रेरा संबंधी दस्तावेज होने का दावा किया। विरोध करने पर शिकायतकर्ता को धमकाकर वहां से भगा दिया गया। शिकायत में दावा किया गया है कि 500 से ज्यादा लोगों को प्री लॉन्च बुकिंग के नाम पर ठगा जा चुका है और उनसे करोड़ों रुपये की ठगी की गई है।
एफआईआर में साया प्रमोटर्स एलएलपी और प्रॉपर्टी फर्म से जुड़े नौ लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें अजय अवल, विकास भसीन, अनू भसीन, प्रीतिका चौधरी, उसमा चौधरी, अब्दुल सत्तार, सन्नी बजाज एवं अन्य अज्ञात आरोपित बनाए गए हैं। एसीपी कविनगर सिद्धार्थ गौतम का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर जांच कराई जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
