3 महीने बाद ईरान की जेल से वापस साहिबाबाद लौटे इंजीनियर केतन मेहता, घर पहुंचते ही छलक पड़ीं अपनों की आंखें
साहिबाबाद के केतन मेहता, जो एमटी वेलिएंट रोर जहाज पर थर्ड इंजीनियर थे, तीन महीने बाद ईरान से घर लौटे। ...और पढ़ें

परिवार के साथ केतन मेहता। जागरण

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जागरण संवाददाता, साहिबाबाद (गाजियाबाद)। एमटी वेलिएंट रोर जहाज पर थर्ड इंजीनियर के पद पर तैनात साहिबाबाद की डीएलएफ कालोनी निवासी केतन मेहता की तीन महीने बाद जब घर वापसी हुई तो मानों स्वजन की प्रार्थनाओं ने अपना असर दिखाया हो, केतन से मिलते ही स्वजन की आंखें खुशी से छलक पड़ीं।
केतन को डीजल चोरी के आरोप में ईरान के बंदर अब्बास एयरपोर्ट पर छह जनवरी को गिरफ्तार किया गया था। उनके साथ 15 साथी पकड़े गए थे। तब से केतन के स्वजन लगातार उनकी घर वापसी कराने की मांग सरकार से कर रहे थे।
IRGC ने जहाज पर किया था कब्जा
दुबई की कंपनी प्राइप टैंकर एलएलसी से केतन का दिसंबर के अंत में अनुबंध समाप्त हो गया था। इसके बाद जनवरी के पहले सप्ताह में वह छुट्टी आने वाले थे। इससे पहले ही केतन के जहाज को ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड काप्स (आइआरजीसी) टीम ने अपने कब्जे में ले लिया।
छह मार्च को गिरफ्तारी के बाद बंदर अब्बास पोर्ट की जेल में रखा गया। परिजनों को सूचना मिली तो विदेश मंत्रालय में गुहार लगाई थी। ईरान में भारतीय दूतावास ने मामले में पैरवी की और आठ फरवरी को आठ लोगों को छोड़ दिया गया।

केतन समेत आठ फिर भी जेल में बंद रहे। मार्च के पहले सप्ताह में सभी को जमानत मिली और दूतावास के संरक्षण में सभी होटल में ठहरे।
21 मार्च को एंबेसी ने सड़क मार्ग के जरिए सभी को आर्मेनिया भेजा। यहां से सऊदी अरब पहुंचे और सऊदी अरब से शनिवार को मुंबई एयरपोर्ट पहुंचे। मुंबई एयरपोर्ट पर एजेंसियों ने सोमवार को सभी से गिरफ्तारी से लेकर रिहाई तक की रिपोर्ट मांगी।
स्वजन ने ली राहत की सांस
केतन की सोमवार को घर वापसी की खबर स्वजन को मिल गई थी। इसके बाद उनकी बड़ी बहन शिवानी अपने पति और बेटी के साथ, पिता मुकेश मेहता और मां केतन को लेने दिल्ली एयरपोर्ट पहुंची थीं। केतन को देख बहन और माता-पिता भी भावुक हो उठे। केतन ने बताया कि उन्हें गलत तरीके से गिरफ्तार किया गया था।
