15 मिनट में भरेंगे सड़क के गड्ढे, गाजियाबाद में इकोफिक्स तकनीक अपनाने की मांग; खर्च का दावा 500 रुपये
कंफेडरेशन ऑफ आरडब्ल्यूए उत्तर प्रदेश (कोरवा-यूपी) ने लोक निर्माण राज्यमंत्री बृजेश सिंह से सड़कों के गड्ढे भरने के लिए इकोफिक्स तकनीक अपनाने की मांग की है।

संगठन का दावा है कि इस तकनीक से महज 15 मिनट में गड्ढे भरकर सड़क को यातायात के लिए तैयार किया जा सकता है।
HighLights
कोरवा-यूपी ने इकोफिक्स तकनीक अपनाने की मांग की।
15 मिनट में गड्ढे भरने का दावा किया गया।
गाजियाबाद में इस तकनीक का सफल परीक्षण हुआ।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। सड़कों के गड्ढे भरने में अब 24 घंटे की भी देरी नहीं होनी चाहिए। कंफेडरेशन ऑफ आरडब्ल्यूए उत्तर प्रदेश (कोरवा-यूपी) ने लोक निर्माण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बृजेश सिंह को पत्र भेजकर सड़क मरम्मत के लिए इकोफिक्स तकनीक अपनाने की मांग की है। संगठन का दावा है कि इस तकनीक से महज 15 मिनट में गड्ढे भरकर सड़क को यातायात के लिए तैयार किया जा सकता है।
मरम्मत का काम 15 मिनट में
पदाधिकारियों के अनुसार, 30 किग्रा के एक बैग की कीमत करीब 500 रुपये है। कोरवा के मुख्य संरक्षक कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी के मुताबिक, पांच अक्टूबर को गांधीनगर में सूखे गड्ढे और माडल टाउन ईस्ट में पानी भरे गड्ढे में इकोफिक्स का इस्तेमाल किया गया था। दोनों जगह मरम्मत का काम 15 मिनट में पूरा होने का दावा किया गया है। इकोफिक्स स्टील स्लैग और पाॅलिमर बाइंडर से तैयार होता है।
निर्देश जारी करने की मांग
संगठन का कहना है कि इसके इस्तेमाल में तारकोल, गिट्टी गर्म करने और गड्ढे से पानी निकालने की जरूरत नहीं पड़ती। इससे यातायात भी लंबे समय तक बाधित नहीं होता। कोरवा ने आरोप लगाया कि पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को जानकारी देने के बावजूद तकनीक का इस्तेमाल शुरू नहीं किया गया। संगठन ने प्रदेश के सभी जिलों में इकोफिक्स के उपयोग के निर्देश जारी करने की मांग की है।
