OPD, सर्जरी, इमरजेंसी का रिकॉर्ड तक सबकुछ होगा चेक; गाजियाबाद में लापरवाह डॉक्टरों की लगेगी क्लास
गाजियाबाद में अब स्थायी और अस्थायी डॉक्टरों की प्रगति रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसमें ओपीडी, सर्जरी, इमरजेंसी, पोस्टमार्टम और वीआईपी ...और पढ़ें

गाजियाबाद में अब स्थायी और अस्थायी डॉक्टरों की प्रगति रिपोर्ट तैयार की जाएगी। एआई जेनरेटेड सांकेतिक तस्वीर

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। जिले में काम करने वाले परमानेंट और टेम्पररी डॉक्टरों के काम की प्रोग्रेस रिपोर्ट तैयार की जाएगी। रिपोर्ट में OPD, सर्जरी, इमरजेंसी, पोस्टमार्टम और VIP ड्यूटी में उनके काम के पूरे रिकॉर्ड के आधार पर उनके परफॉर्मेंस का आकलन किया जाएगा।
प्रोग्रेस रिपोर्ट में एक अलग सेक्शन में उनके आने का समय और अटेंडेंस की डिटेल होगी। चीफ मेडिकल ऑफिसर (CMO) डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया कि यह रिपोर्ट सरकारी निर्देशों के अनुसार तैयार की जा रही है। संबंधित अस्पतालों के चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट (CMS) और कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (CHC) के इंचार्ज से मोतियाबिंद सर्जरी, जनरल सर्जरी और सिजेरियन सेक्शन की मासिक रिपोर्ट मांगी गई है।
कुछ डॉक्टरों की रिपोर्ट पहले भी तैयार की गई थी, लेकिन अब सभी डॉक्टरों के काम का रिकॉर्ड इकट्ठा किया जा रहा है। इसमें CMS और मेडिकल सुपरिटेंडेंट (MS) लेवल के डॉक्टरों की डिटेल शामिल है। जिन डॉक्टरों की रिपोर्ट असंतोषजनक होगी, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले डॉक्टरों की सेवाएं खत्म करने की भी योजना है। ऐसे डॉक्टरों को हटाने का प्रस्ताव, जो अपने काम में और स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने में पीछे हैं, 30 जनवरी को जिला स्वास्थ्य समिति के सामने पेश किया जाएगा।
CMO ने यह भी बताया कि स्वास्थ्य विभाग की कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में रुचि नहीं दिखाने वाले आशा वर्कर्स, आशा संगिनी, ANM और CHO के काम का भी आकलन किया जा रहा है। नियमित टीकाकरण और संस्थागत प्रसव की उपेक्षा करने वालों पर विशेष रूप से नज़र रखी जा रही है। ग्रामीण इलाकों में स्क्रीनिंग नहीं करने वालों की भी लिस्ट तैयार की जा रही है।
