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गाजियाबाद में एक करोड़ की साइबर ठगी का मामला, CBI से बचने के लिए साथी को चलती ट्रेन से दिया धक्का

By Vinit Edited By: Anup Tiwari
Published: Sun, 20 Sep 2026 10:47 PM (IST)

गाजियाबाद में एक करोड़ की साइबर ठगी के आरोपी ने सीबीआई जांच से बचने के लिए अपने साथी को चलती ...और पढ़ें

भारत सिंह व आरोपी देवेश। फाइल फोटो

भारत सिंह व आरोपी देवेश। फाइल फोटो

HighLights

  1. साइबर ठगी के आरोपी ने सीबीआई जांच से बचने को हत्या की।

  2. गाजियाबाद में चलती ट्रेन से धक्का देकर युवक को मार डाला।

  3. पुलिस ने आरोपी देवेश कुमार गंगवार को गिरफ्तार कर लिया।

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। एक करोड़ रुपये की साइबर ठगी के आरोपित ने अपने ही गांव के एक 30 वर्षीय युवक को ट्रेन से धक्का देकर मार दिया। इसके बाद आरोपित ने खुद मृतक के भाई को फोन कर बताया कि उसका भाई ट्रेन से गाजियाबाद उतर गया है।

हालांकि कुछ ही देर में जीआरपी ने रेलवे ट्रैक पर शव मिलने की सूचना स्वजन को दी थी। युवक का शव रेलवे ट्रैक पर कैला खेड़ा के पास 16 सितंबर की सुबह मिला था। मृतक की पहचान पीलीभीत निवासी 30 वर्षीय भारत सिंह के रूप में हुई थी।

मृतक के पिता का आरोप है कि साइबर ठगी की जांच में सीबीआइ आफिस जा रहे उनके बेटे को गांव के ही रहने वाले युवक ने ट्रेन से धक्का देकर हत्या की है।

पीलीभीत के जहानाबाद थानाक्षेत्र के कल्याणपुर खास निवासी जगदीश कुमार के मुताबिक उनका बेटा 30 वर्षीय भारत सिंह गांव के ही रहने वाले देवेश कुमार गंगवार के संपर्क में था।

सीबीआई जांच से बचने के लिए मर्डर

आरोप है कि देवेश ने करीब दो वर्ष पहले भारत से उसके फोटो और कुछ दस्तावेज लिए थे और दोनों को व्यापार करने की बात कही थी। बाद में इन्हीं दस्तावेजों और खाते से जुड़े करीब एक करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में सीबीआइ की टीम नौ सितंबर को उनके यहां पहुंची और पूछताछ की।

जांच के दौरान उनके बेटे ने बताया कि उसका आधार कार्ड और हस्ताक्षर देवेश ने दो साल पहले लिए थे। सीबीआइ ने देवेश को बुलाया। देवेश ने बताया कि उसने दो साल पहले भारत के कागज पीलीभीत के गोहनिया निवासी हरिओम को दिए थे।

जांच टीम ने हरिओम की तलाश की लेकिन उसका पता नहीं चला। इसके बाद सीबीआइ टीम ने देवेश और भारत सिंह को नोटिस देकर दिल्ली आफिस बुलाया था।

15 सितंबर की रात दोनों दिल्ली के लिए ट्रेन से निकले लेकिन अगले दिन सुबह देवेश ने फोन कर उनके बेटे भानुप्रताप को बताया कि भारत सिंह गाजियाबाद स्टेशन उतर गया है और वह टेंपो से आएगा।

इसके बाद देवेश का मोबाइल बंद हो गया। कुछ समय बाद ग्राम प्रधान के पास पुलिस ने संपर्क कर उनके बेटे के शव का फाेटो पहचान के लिए भेजा। उन्होंने पुलिस से संपर्क किया तब पता चला कि उनके बेटे की माैत हो गई और शव रेलवे ट्रैक पर मिला था।

पीड़ित का कहना है कि उनके बेटे की हत्या देवेश ने सीबीआइ जांच से बचने के लिए की है। पीड़ित की शिकातय पर विजयनगर थाने में केस दर्ज कर पुलिस ने रविवार को आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।

काशी विश्वनाथ से दिल्ली जा रहे थे दोनों

पुलिस की जांच और पूछताछ में सामने आया है कि देवेश और भारत सिंह काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस ट्रेन से दिल्ली जा रहे थे। आरोपित देवेश को डर था कि सीबीआइ जांच में भारत सिंह बच जाएगा क्योंकि उसने खाते कोई प्रयोग नहीं किया था जबकि उसे जेल जाना पड़ेगा।

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इस डर की वजह से उसने भारत की हत्या की योजना बनाई और मौका पाकर गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से जब ट्रेन दिल्ली के लिए चली तब महामाया स्टेडियम के पास कैला खेड़ा के सामने 16 सितंबर की सुबह भारत सिंह को बहाने से गेट के पास बुलाकर चलती ट्रेन से धक्का दे दिया।

पुलिस का कहना है कि आरोपित देवेश ने भी किसी अन्य व्यक्ति को भारत के नाम पर खुला खाता आपरेट करने के लिए दिया था उसके बदले में रुपये मिले थे।

आरोपित देवेश को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसने पूछताछ में बताया है कि उसने गाजियाबाद स्टेशन के बाद कैला खेड़ा क्षेत्र में युवक को चलती ट्रेन से धक्का दे दिया था। मामले में शीघ्र आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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धवल जायसवाल, डीसीपी सिटी