गाजियाबाद को मिलेगा अपना प्रगति मैदान, 560 सीटों का ऑडिटोरियम और एक्सपो हॉल समेत मिलेंगी कई सुविधाएं
गाजियाबाद के मधुबन बापूधाम में दिल्ली के प्रगति मैदान की तर्ज पर बुनकर मार्ट सह एक्सपो एवं कन्वेंशन सेंटर का ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।
HighLights
गाजियाबाद में बुनकर मार्ट सह एक्सपो सेंटर अंतिम चरण में।
बुनकरों, शिल्पकारों को स्थायी बाजार और बड़े आयोजन स्थल मिलेंगे।
यह केंद्र व्यापार, रोजगार और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा।
शाहनवाज अली, गाजियाबाद। दिल्ली के प्रगति मैदान और दिल्ली हाट की तर्ज पर गाजियाबाद को भी ऐसा केंद्र मिलने जा रहा है, जहां कारोबार, प्रदर्शनी, शिल्प और संस्कृति एक ही छत के नीचे दिखाई देंगे।
मधुबन बापूधाम में विकसित किया जा रहा बुनकर मार्ट सह एक्सपो एवं कन्वेंशन सेंटर अब निर्माण के अंतिम चरण में पहुंच गया है। करीब 200 करोड़ रुपये की इस परियोजना के मौजूदा निर्माण चरण में करीब 115 करोड़ रुपये की लागत बताई गई है।
इसके तैयार होने के बाद बुनकरों, शिल्पकारों और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को स्थायी बाजार मिलने के साथ बड़े स्तर पर एक्सपो, ट्रेड फेयर और सांस्कृतिक आयोजन भी हो सकेंगे। प्राधिकरण ने इस परिसर को केवल बुनकरों के उत्पादों की बिक्री तक सीमित नहीं रखा है।
यहां उत्पाद की बिक्री, प्रदर्शनी, कारोबार, बैठक, प्रशिक्षण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए अलग-अलग सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इससे शहर में बड़े आयोजनों के लिए एक आधुनिक और बहुउद्देश्यीय केंद्र उपलब्ध होगा।
560 लोगों की क्षमता वाला ऑडिटोरियम
परिसर में 13,740 वर्गमीटर क्षेत्रफल में 560 सीटों वाला ऑडिटोरियम बनाया जा रहा है। इसके अलावा करीब 6,080 वर्गमीटर में एक्सपो हाल होगा। यहां 80 से अधिक लोगों की क्षमता वाला कांफ्रेंस हाल, एग्जिबिशन हॉल, बुनकर शाप्स, विभिन्न दुकानें और स्टाल भी होंगे।
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परिसर में म्यूजियम और फूड कोर्ट की सुविधा भी विकसित की जा रही है। यानी आने वाले लोगों को खरीदारी के साथ प्रदर्शनी देखने, सम्मेलन में शामिल होने और खान-पान की सुविधा भी एक ही परिसर में मिलेगी।
स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार
बुनकर मार्ट का सबसे बड़ा फायदा स्थानीय बुनकरों, हस्तशिल्पियों और छोटे कारोबारियों को मिलने की उम्मीद है। उन्हें अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री के लिए स्थायी मंच मिलेगा। वहीं एक्सपो और ट्रेड फेयर के जरिये दूसरे शहरों और राज्यों से आने वाले खरीदारों तक भी स्थानीय उत्पादों की पहुंच बढ़ेगी। इससे कारोबार के साथ रोजगार के अवसर बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
बुनकर मार्ट को आधुनिक सुविधाओं से युक्त बहुउद्देश्यीय परिसर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य बुनकरों और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को बाजार उपलब्ध कराने के साथ एक्सपो, सम्मेलन, प्रदर्शनी और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए बेहतर मंच तैयार करना है।
निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और 30 नवंबर तक इसको पूरी तरह से तैयार कर दिया जाएगा। - नन्द किशोर कलाल, उपाध्यक्ष जीडीए
