गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में एयरोसिटी बसाने की तैयारी, लैंड पूलिंग योजना से 230 हेक्टेयर भूमि होगी विकसित
गाजियाबाद प्राधिकरण राजनगर एक्सटेंशन में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के पास लैंड पूलिंग मॉडल से एयरोसिटी टाउनशिप विकसित करने की तैयारी ...और पढ़ें

राजनगर एक्सटेंशन में लैंड पूलिंग मॉडल के माध्यम से एयरोसिटी टाउनशिप विकसित करने की तैयारी।
HighLights
राजनगर एक्सटेंशन में एयरोसिटी टाउनशिप विकसित होगी।
जीडीए लैंड पूलिंग मॉडल का उपयोग करेगा।
किसानों को 25% विकसित भूमि मिलेगी।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। प्राधिकरण ने राजनगर एक्सटेंशन में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निकट लैंड पूलिंग मॉडल के माध्यम से एयरोसिटी टाउनशिप विकसित करने की तैयारी कर ली है। इसके तहत करीब 230 हेक्टेयर भूमि को शामिल किया जाएगा। जीडीए ने योजना को समझाने के लिए वीडियो तैयार किया है।
प्राधिकरण की प्रस्तावित एयरोसिटी टाउनशिप मेवला अगरी, अटौर और मोरटी गांव की करीब 230 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर विकसित की जाएगी। प्राधिकरण के पास पहले से 3.5977 हेक्टेयर भूमि में 16.2960 हेक्टेयर बंजर और 10.0780 हेक्टेयर भूमि झील के अंतर्गत आता है।
ऐसे में अटौर गांव की 108 हेक्टेयर से अधिक, मोरटी गांव की करीब 52 हेक्टेयर और मेवला अगरी गांव की करीब 40 हेक्टेयर भूमि खरीदी जानी प्रस्तावित है। हाल में हुई बोर्ड बैठक में इसके लिए तीन विकल्पों को मंजूरी मिली है, लेकिन जीडीए लैंड पूलिंग को प्राथमिकता देने में जुटा है।
लैंड पूलिंग मॉडल में किसानों को नहीं मिलेगा नकद मुआवजा
लैंड पुलिंग मॉडल में किसानों को नकद मुआवजा नहीं दिया जाएगा, बल्कि योजना विकसित होने के बाद उनकी जमीन का 25 प्रतिशत हिस्सा विकसित रूप में वापस दिया जाएगा, जिसका वे लैंडयूज के अनुसार उपयोग कर सकेंगे। लैंड पुलिंग को लेकर किसानों से संवाद बढ़ाने के लिए जीडीए की टीम गांवों में जाकर संपर्क करेगी और इसके लाभ बताएगी।
किसानों को इस योजना का लाभ बताया जा रहा
साथ ही तैयार वीडियो के माध्यम से भी किसानों को योजना की जानकारी दी जा रही है। जीडीए उपाध्यक्ष नन्द किशोर कलाल ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निकट प्रस्तावित एयरोसिटी के लिए किसानों से लैंड पूलिंग के जरिये भूमि लेने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए किसानों को इसके लाभ बताए जा रहे हैं।
