गाजियाबाद मेयर के फर्जी हस्ताक्षर से सामुदायिक केंद्र बुकिंग, दो कर्मचारी निलंबित
गाजियाबाद में महापौर सुनीता दयाल के फर्जी हस्ताक्षर कर सामुदायिक केंद्रों की बुकिंग में छूट देने के आरोप में नगर ...और पढ़ें
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गाजियाबाद नगर निगम के दो कर्मचारी रमेशचंद्र और प्रेम पाल को निलंबित कर दिया गया है।
HighLights
महापौर के फर्जी हस्ताक्षर से सामुदायिक केंद्र बुकिंग में छूट दी।
दो नगर निगम कर्मचारी रमेशचंद्र और प्रेम पाल निलंबित हुए।
पांच आवेदनों पर नकली हस्ताक्षर पाए गए, जांच जारी।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। शहर में सामुदायिक केंद्रों की बुकिंग में महापौर सुनीता दयाल के फर्जी हस्ताक्षर करने पर नगर निगम के दो कर्मचारी रमेशचंद्र और प्रेम पाल को निलंबित कर दिया गया है। आरोपित कर्मचारी फर्जी हस्ताक्षर से सामुदायिक केंद्र की बुकिंग कर रहे थे। जांच में कई दस्तावेजों पर महापौर के नकली हस्ताक्षर पाए गए हैं।
शादी व अन्य कार्यक्रमों के लिए सामुदायिक केंद्र बुक कराने पर किराया कम करने का अधिकार महापौर के पास है। शहर के ज्यादातर सामुदायिक केंद्र लगभग 11 हजार रुपये और जीएसटी के साथ बुक किए जाते हैं। महापौर किसी व्यक्ति को अधिकतम छह हजार रुपये तक की छूट दे सकती हैं।
इस व्यवस्था का फायदा उठाते हुए नगर निगम के दो कर्मचारियों ने महापौर के नाम से फर्जी हस्ताक्षर कर बुकिंग में छूट दिखा दी। कर्मचारियों ने सामुदायिक केंद्र कम किराए पर बुक करा दिए। जब संपत्ति प्रभारी पल्लवी सिंह सामुदायिक केंद्रों से जुड़े आवेदनों की मंजूरी दे रही थीं तो यह मामला सामने आया।
उन्हें अलग-अलग आवेदनों में महापौर के हस्ताक्षर अलग-अलग दिखाई दिए। शक होने पर उन्होंने महापौर के निजी सहायक को बुलाकर दस्तावेज चेक कराए। निजी सहायक ने दस्तावेज देखने के बाद बताया कि पांच आवेदनों में किए गए हस्ताक्षर महापौर के नहीं हैं। हालांकि कर्मचारियों ने हस्ताक्षर मिलते-जुलते किए थे। मामले को उच्च अधिकारियों के सामने रखा गया।
जांच के बाद नगर निगम प्रशासन ने कर्मचारी रमेशचंद्र और प्रेम पाल को निलंबित कर दिया। रमेशचंद्र सामुदायिक केंद्रों से जुड़ा काम देखता है। प्रेम पाल नगर निगम में महापौर कार्यालय में तैनात हैं। वहीं इस मामले में अन्य कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं। इसकी जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा कि अभी तक कर्मचारी पूर्व में कितनी बुकिंग और नगर निगम के राजस्व को कितना नुकसान पहुंचा चुके हैं।
