फिटजी निदेशकों पर ईडी का शिकंजा, छात्रों की फीस हड़पने और धनशोधन मामले में कार्रवाई तेज
प्रवर्तन निदेशालय ने छात्रों की फीस के दुरुपयोग से जुड़े धनशोधन मामले में फिटजी लिमिटेड के निदेशकों दिनेश कुमार गोयल और मोनिला गोयल के खिलाफ शिकंजा कसा है।

कोचिंग संस्था फिटजी लिमिटेड के निदेशकों पर ईडी का शिकंजा।
HighLights
ईडी ने फिटजी निदेशकों पर धनशोधन का शिकंजा कसा।
छात्रों की फीस के दुरुपयोग मामले में शिकायत दाखिल।
71.88 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने की मांग।
जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाली कोचिंग संस्था फिटजी लिमिटेड के निदेशकों दिनेश कुमार गोयल और मोनिला गोयल के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने शिकंजा कस दिया है।
जब्त करने की मांग
छात्रों से ली गई फीस के दुरुपयोग से जुड़े धनशोधन के मामले में ईडी के लखनऊ जोनल ऑफिस की टीम ने विशेष पीएमएलए कोर्ट में अभियोजन शिकायत दाखिल की है। ईडी ने जांच के दौरान जब्त और अस्थायी रूप से कुर्क की गई 71.88 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त करने की मांग की है।
3.50 लाख एडवांस फीस ली
ईडी ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा और मध्य प्रदेश के भोपाल में दर्ज चार केसों के आधार पर जांच शुरू की थी। आरोप है कि फिटजी ने दो से चार वर्ष के कोचिंग कार्यक्रमों के लिए प्रति छात्र 2.80 लाख से 3.50 लाख रुपये तक एडवांस फीस ली थी।
इसके बावजूद शिक्षकों का वेतन नहीं मिलने के कारण उन्होंने संस्थान छोड़ दिया और कई केंद्र बिना पूर्व सूचना बंद कर दिए गए। आरोप है कि इसके बाद भी नए विद्यार्थियों से कोचिंग कराने के आश्वासन पर फीस ली जाती रही।
85.79 करोड़ रुपये की फीस
वहीं, जांच में सामने आया कि मई 2024 से फरवरी 2025 के बीच 32 केंद्र बंद कर दिए गए, जिससे 14,411 विद्यार्थी प्रभावित हुए। ईडी ने 85.79 करोड़ रुपये की फीस को अपराध से अर्जित आय के रूप में माना है।
वित्त वर्ष 2022-23 से निदेशकों ने वेतन के रूप में 24.92 करोड़ रुपये लिए। आरोप है कि कर्मचारियों का वेतन लंबित रहने के दौरान भी निदेशकों को भुगतान किया जाता रहा।
यह भी पढ़ें- गुरुग्राम में ओसियन सेवन बिल्डटेक पर ईडी का शिकंजा, 136.42 करोड़ की संपत्ति अटैच
