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करोड़ों के फ्लैट और सड़कें बदहाल, गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक की इस टाउनशिप में सुरक्षा भी रामभरोसे

Published: Wed, 28 Oct 2026 02:36 PM (IST)

गाजियाबाद की क्रॉसिंग रिपब्लिक स्थित अंसल सुशांत एक्वापोलिस टाउनशिप में करोड़ों के फ्लैट होने के बावजूद निवासी बदहाल सड़कों, जलभराव और सुरक्षा व्यवस्था की कमी से जूझ रहे हैं।

सुशांत एक्वापोलिस की जर्जर सड़क। जागरण

सुशांत एक्वापोलिस की जर्जर सड़क। जागरण

HighLights

  1. करोड़ों के फ्लैट, पर सड़कें बदहाल, सुरक्षा व्यवस्था रामभरोसे।

  2. अधूरे टावर, हजारों खरीदार फ्लैट के लिए प्रतीक्षारत।

  3. सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी, पर बुनियादी सुविधाएं दुरुस्त करने की मांग।

लक्ष्य चौधरी, गाजियाबाद। करोड़ों रुपये के फ्लैट, लेकिन सड़कें बदहाल और सुरक्षा व्यवस्था रामभरोसे। क्राॅसिंग रिपब्लिक स्थित अंसल सुशांत एक्वापोलिस टाउनशिप में रहने वाले लोग बुनियादी सुविधाओं के अभाव में परेशान हैं।

सड़कों उखड़ने पर नुकीले पत्थर बिखरे हैं तो मुख्य मार्ग पर जलभराव से आवागमन मुश्किल है। मुख्य गेट पर गार्ड नहीं होने से सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है।

इसके अलावा वाहनों के गुजरने से हर समय धूल उठती रहती है। ऐसे में सवाल है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी निवासियों को सुविधाएं क्यों नहीं मिल रही हैं।

आर्थिक नुकसान के प्रति आगाह कर रहे

वर्ष 2005-06 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट में 11 टावर बनाए जाने थे, लेकिन कई टावर अधूरे हैं। पिछले नौ साल से अधिक समय से निर्माण कार्य ठप है। करीब एक हजार से अधिक खरीदार फ्लैट मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

खरीदारों का कहना है कि बुकिंग के 36 महीने के भीतर कब्जा देने का वादा किया गया था, लेकिन दस साल से अधिक समय बीतने के बाद भी उन्हें राहत नहीं मिली।

रेरा में शिकायत और रिकवरी नोटिस जारी होने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका। टाउनशिप में लगे पोस्टर भी लोगों को बिल्डर के बहकावे में आने से बचने और आर्थिक नुकसान के प्रति आगाह कर रहे हैं।

सड़क धंसने से गड्ढे में गिरे थे वाहन

टाउनशिप में बदहाल सड़कों का मामला पहले भी गंभीर रूप ले चुका है। पिछले साल 31 जुलाई को वर्षा के दौरान सोसायटी की सर्विस रोड करीब 15 से 20 फीट तक धंस गई थी। सड़क किनारे खड़ी चार कार और आधा दर्जन दोपहिया वाहन गहरे गड्ढे में गिर गए थे। बाद में जेसीबी और क्रेन की मदद से वाहनों को बाहर निकाला गया। इस घटना के बावजूद सड़क और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बनी हुई है।

सुप्रीम कोर्ट से अधूरी टाउनशिप को पूरे करने की मिली हरी झंडी

स्थानीय निवासियों के मुताबिक राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) से समाधान योजना को मंजूरी और सितंबर में सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी मिलने के बाद वन सिटी इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड (वन ग्रुप डेवलपर्स) के लिए प्रोजेक्ट पूरा करने का रास्ता साफ हुआ है।

इससे खरीदारों को अधूरे फ्लैट मिलने की उम्मीद जगी है। हालांकि, मौजूदा निवासियों की मांग है कि निर्माण पूरा करने के साथ सड़कों की मरम्मत, जलभराव से निजात और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने पर भी ध्यान दिया जाए। इस संबंध में वन ग्रुप के प्रतिनिधि से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।

टाउनशिप में न निगरानी है और न ही सही सड़कें

सड़क उखड़ने के कारण रोड़ी नुकीले पत्थर में तबदील हो गई है। सड़क पर रोड़ी बिखरे होने से पैदल चलने और वाहन निकालने में परेशानी होती है। वर्षा में जलभराव स्थिति और बिगाड़ देता है।

-आशीष चौधरी, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष।

मुख्य गेट पर गार्ड नहीं होने से बिना रोक-टोक कोई भी व्यक्ति अंदर आजा सकता है, निवासियों को सुरक्षा की चिंता सताती है। टाउनशिप में प्रवेश करने वालों की निगरानी के लिए पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए।

-हीरालाल, महासचिव, आरडब्ल्यूए।

बुकिंग के वर्षों बाद भी फ्लैट नहीं मिलने से खरीदार परेशान हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से उम्मीद जगी है, लेकिन निर्माण पूरा होने की समयसीमा स्पष्ट होना जरूरी है।

-गुलशन त्यागी, सदस्य, आरडब्ल्यूए। 

प्रोजेक्ट पूरा होने के साथ सड़क, जलनिकासी और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं भी सुनिश्चित करनी होंगी। निवासियों को उम्मीद है कि नई व्यवस्था में उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान होगा।

-राजकुमार सिसोदिया, उपाध्यक्ष, आरडब्ल्यूए।

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