दिल्ली-NCR की लाइफलाइन NH-9 पर ट्रैफिक जाम से कब मिलेगी मुक्ति? नोएडा और गाजियाबाद पुलिस के सामने 6 चुनौतियां
दिल्ली-एनसीआर की लाइफलाइन NH-9 पर रोजाना लगने वाले जाम से लाखों लोग परेशान हैं। गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर पुलिस इस समस्या से निपटने में चुनौतियों का सामना कर रही है।

नोएडा सेक्टर-62 के पास एनएच नौ पर बनी जाम की स्थिति। जागरण
HighLights
NH-9 पर रोजाना जाम से लाखों लोग होते हैं परेशान।
गाजियाबाद-गौतमबुद्धनगर पुलिस समन्वय की कमी से जूझ रही।
खराब रोड इंजीनियरिंग, बेतरतीब वाहन जाम के मुख्य कारण।
आशुतोष गुप्ता, साहिबाबाद। कहते हैं कि यदि किसी के साथ अपराध होता है तो परिवार या कुछ लोग प्रभावित होते हैं लेकिन कहीं जाम लगता है जो हजारों लाखों लोग जद में आते हैं। एनएच-9 को दिल्ली-एनसीआर की लाइफ लाइन माना जाता है।
इस पर रोजाना लगने वाले जाम से लाखों लोग परेशान होते हैं। एनएच-9 गौतमबुद्धनगर व गाजियाबाद दोनों की सीमा में आता है। बावजूद इसके दाेनों जिलों की पुलिस एनएच-9 के जाम को समाप्त नहीं कर पा रही है।
कोई पहल नहीं हो पा रही
दोनों जिलों की पुलिस एक-दूसरे के पाले में गेंद डालकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं। इसका सीधा खामियाजा वाहन चालकों को भुगतना पड़ता है। जाम में फंसने से उनका समय तो बर्बाद होता ही है साथ ही ईंधन का नुकसान भी होता है। एनएच-9 की खराब इंजीनियरिंग के कारण जाम लगता है। हालांकि छोटे-छोटे प्रयासों व सुझावों से जाम समाप्त किया जा सकता है लेकिन इस तरफ कोई पहल नहीं हो पा रही है।
आखिर एनएच-9 पर ट्रैफिक जाम का क्या है कारण?
एनएच-9 पर जाम की दृष्टि से छिजारसी से नोएडा सेक्टर 62 के बीच का आने-जाने वाला हिस्सा कुख्यात हो चुका है। एनएच-9 पर छिजारसी से खोड़ा के बीच का हिस्सा नोएडा यातायात पुलिस अंतर्गत आता है जबकि खोड़ा से यूपी गेट और यूपी गेट से वापस छिजारसी तक का हिस्सा गाजियाबाद पुलिस के सीमाक्षेत्र में आता है।

छोटे-छोटे उपायों से मिलेगी राहत
दोनों ही जिलों की पुलिस अपने-अपने क्षेत्रांतर्गत जाम से निपटने के लिए ठोस योजना तैयार नहीं कर पा रही है। यातायात पुलिस एनएच-9 की रोड इंजीनियरिंग की कमी बताकर और पत्राचार करने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेती है। वहीं, छोटे-छोटे उपायों से लोगों को जाम से राहत मिल सकती है।
एनएच-9 पर जाम के क्या हैं कारण?
- वाहनों का विपरीत दिशा में चलना
- बसों व आटो का सवारी के लिए बेतरतीब खड़ा होना
- एनएच-9 की कई स्थानों पर चौड़ाई कम होना
- सीआइएसएफ व शिप्रा अंडरपास पर डिजाइन में कमी
- प्रेशर प्वाइंट्स पर यातायात पुलिसकर्मियों की तैनाती न होना
- मेट्रो विस्तार कार्य के कारण सीआइएसएफ रोड की एक लेन बंद होना
इन उपायों से मिल सकती है जाम से राहत
- पीक समय में प्रेशर प्वाइंट्स पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए
- विपरीत दिशा में चलने वाले वाहन चालकों पर कार्रवाई हो
- बेतरतीब खड़े होने वाले आटो व बस चालकों को व्यवस्थित कराया जाए
- रोड इंजीनियरिंग की कमी को ठीक कराया जाए
तैनात किए जाएंगे और ट्रैफिक पुलिसकर्मी
एनएच-9 पर यातायात सुधार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। एनएच-9 पर कई जगह चौड़ीकरण की आवश्यकता है, इस संबंध में कई बार एनएचएआइ को कहा गया है। प्रेशर प्वाइंट्स चिह्नित कर यातायात पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी।
-त्रिगुण बिसेन, डीसीपी यातायात, गाजियाबाद।
एनएच-9 पर जाम लगने वाली खामियों को निरीक्षण के बाद दूर कराया जाएगा। गाजियाबाद के अधिकारियों के साथ वार्ता कर जाम से निजात के प्रयास किए जाएंगे। मुख्य बिंदुओं पर यातायात पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की जाएगी।
-सैय्यद अली अब्बास, डीसीपी यातायात, गौतमबुद्धनगर।
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