विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यूपी बॉर्डर पर चंद्रशेखर आजाद और पुलिस में भिड़ंत... मेरठ जाने पर अड़े नगीना सांसद, हुई धक्का-मुक्की

By Vineet KumarEdited By: Sonu Suman
Published: Sat, 10 Jan 2026 05:39 PM (IST)Updated: Sat, 10 Jan 2026 06:27 PM (IST)

नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद को गाजियाबाद पुलिस ने मेरठ जाने से रोक दिया। वे दलित महिला की हत्या और बेटी ...और पढ़ें

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण संवाददाता, मोदीनगर मेरठ के परतापुर में काशी टोल प्लाजा पर आसपा प्रमुख व सांसद चंद्रशेखर रावण से मिलने जा रहे कलछीना के आसपा पदाधिकारियों को भोजपुर में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर पुलिस ने खदेड़ दिया। इस दौरान पुलिस व पदाधिकारियों के बीच जमकर धक्का मुक्की हुई।

पुलिस सभी को लेकर भोजपुर थाने पहुंची। किसी को भी आगे नहीं जाने दिया। इस दौरान पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया। सैंकड़ों वाहन जाम में फंसे रहे। सको देखते हुए यातायात पुलिस ने मेरठ की जाने वाले लेन को भी बंद कर दिया। देर शाम को यातायात सामान्य हो सका।

मेरठ के कपसाढ़ गांव में दलित युवती के अपहरण के विरोध में हुई मां की हत्या के मामले में आसपा प्रमुख व नगीना से सांसद चंद्रशेखर रावण स्वजन से मुलाकात करने के लिए शनिवार को जा रहे थे। उन्हें गाजियाबाद में यूपी गेट पर रोका गया, लेकिन वे पुलिस को चकमा देकर वहां से निकल गए। पुलिस ने उन्हें मेरठ जाने से रोकने के लिए जिले में नाकाबंदी कर दी। भोजपुर में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की चेकिंग की जाने लगी।

 

Nagina

गंगनहर पटरी मार्ग पर पुलिस ने चेकिंग शुरू की

निवाड़ी में भी गंगनहर पटरी मार्ग पर पुलिस ने चेकिंग शुरू की। लेकिन चोरी-छिपे चंद्रशेखर मेरठ में काशी टोल तक पहुंच गए। उनके मिलने के लिए कलछीना से आसपा पदाधिकारी दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर भोजपुर से निकले। यहां पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसपर गुस्साए पदाधिकारियों ने हंगामा शुरू कर दिया। वे एक्सप्रेस-वे पर ही धरने पर बैठ गए। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। सके चलते जाम लग गया। देखते ही देखते मेरठ जाने वाली लेन पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।

WhatsApp Image 2026-01-10 at 17.01.51

पुलिस-पदाधिकारियों के बीच धक्का-मुक्की

पुलिस ने पदाधिकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। पदाधिकारी सड़क पर लेट गए। इसपर पुलिस ने जबरन उन्हें सड़क से उठाया। सभी को खदेड़ दिया। इसको लेकर पुलिस व पदाधिकारियों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। पुलिस ने किसी तरह उन्हें धरने से उठाया और हिरासत में लेकर भोजपुर थाने भिजवाया। इसके बाद यातायात को सामान्य कराया गया।

यह भी पढ़ें- गाजियाबाद रोडवेज बसों में बिना टिकट यात्रा... 7 साल में पकड़े गए 20 हजार यात्री, वसूला गया लाखों का जुर्माना