गाजियाबाद रोडवेज बसों में बिना टिकट यात्रा... 7 साल में पकड़े गए 20 हजार यात्री, वसूला गया लाखों का जुर्माना
साहिबाबाद और गाजियाबाद क्षेत्र में पिछले सात सालों में 20,000 से अधिक यात्री रोडवेज बसों में बिना टिकट यात्रा करते ...और पढ़ें
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समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राहुल कुमार, साहिबाबाद। ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन की रोडवेज बसों में अक्सर यात्री बिना टिकट यात्रा करते पाए जाते हैं। पिछले सात सालों में, लगभग 20,000 यात्रियों को बिना टिकट यात्रा करते पकड़ा गया है। यह कंडक्टरों और यात्रियों दोनों की लापरवाही को दिखाता है।
कंडक्टरों की जिम्मेदारी है कि वे यात्रियों को उनकी सीटों पर टिकट दें, लेकिन कभी-कभी कंडक्टर, कम किराया लेने के लालच में, यात्रियों को टिकट नहीं देते हैं। ऐसे मामले नियमित रूप से पकड़े जाते हैं। वहीं, कभी-कभी यात्री टिकट खरीदना भूल जाते हैं। इसके चलते यात्रियों को किराए से 10 गुना ज्यादा जुर्माना देना पड़ता है।
गाजियाबाद क्षेत्र की बसों में, 2019 से 2025 तक, 20,023 यात्री बिना टिकट यात्रा करते पाए गए। उन पर लगभग 90 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। 2020 में, सबसे ज्यादा 3543 यात्री बिना टिकट पाए गए। इसमें कौशांबी, साहिबाबाद, गाज़ियाबाद, लोनी, हापुड़, बुलंदशहर, सिकंदराबाद और खुर्जा डिपो शामिल हैं। इन यात्रियों को किराए से 10 गुना ज्यादा जुर्माना देना पड़ा।
अगर कोई यात्री बिना टिकट पकड़ा जाता है, तो किराए के अलावा यात्री से 500 रुपये या कुल किराए का 10 गुना जुर्माना वसूला जाता है। बिना टिकट पाए गए हर यात्री के लिए कंडक्टर पर भी 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। इस साल, 1 जनवरी से 31 दिसंबर 2025 तक, आठ डिपो की रोडवेज बसों में 3024 यात्री बिना टिकट यात्रा करते पकड़े गए।
इस साल 10 से ज्यादा कंडक्टरों के खिलाफ कार्रवाई
अगर किसी रोडवेज बस में पांच या उससे ज़्यादा यात्री बिना टिकट पाए जाते हैं, तो कंडक्टर के खिलाफ भी कार्रवाई की जाती है। रेगुलर कंडक्टरों को सस्पेंड कर दिया जाता है, और कॉन्ट्रैक्ट वाले कंडक्टरों का कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर दिया जाता है। इस साल पांच से ज़्यादा यात्रियों के बिना टिकट पाए जाने पर 10 से ज़्यादा कंडक्टरों का कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर दिया गया है।
सामान का टिकट न खरीदने पर भी कार्रवाई
- अगर सामान का मालिक बस में यात्रा कर रहा है, तो टिकट की कीमत के बराबर जुर्माना लगाया जाता है।
- अगर सामान का मालिक मौजूद नहीं है, तो ड्राइवर और कंडक्टर पर दोगुना जुर्माना लगाया जाता है।
- अगर सामान में तीन से ज्यादा किताबें मिलीं तो कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर दिया जाएगा।
पिछले सालों में बिना टिकट पकड़े गए यात्री
| साल | यात्री |
|---|---|
| 2019 | 2878 |
| 2020 | 3543 |
| 2021 | 1899 |
| 2022 | 2785 |
| 2023 | 2682 |
| 2024 | 3212 |
| 2025 | 3024 |
जांची गई रोडवेज बसों की कुल संख्या
| वित्तीय वर्ष | कुल बसें |
|---|---|
| 2019 | 67144 |
| 2020 | 63792 |
| 2021 | 42753 |
| 2022 | 52190 |
| 2023 | 50358 |
| 2024 | 51211 |
| 2025 | 52320 |
बसों की जांच की जाती है और बिना टिकट यात्रा करने वालों पर जुर्माना लगाया जाता है। लापरवाही के लिए कंडक्टर पर भी जुर्माना लगाया जाता है। अगर पांच से ज्यादा यात्री बिना टिकट पाए जाते हैं, तो कंडक्टर का कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर दिया जाता है।
-केसरी नंदन चौधरी, क्षेत्रीय प्रबंधक, UPSRTC।
