सीबीआई ने रिश्वत लेते हुए मेडिकल ऑफिसर को किया गिरफ्तार, मरीजों को रेफर करने के नाम पर मांग रहा था रुपये
सीबीआई ने नोएडा से ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक एटा के मेडिकल ऑफिसर डॉ. आशीष शाक्य और फेलिक्स अस्पताल के एजीएम बिजेंद्र सिंह ...और पढ़ें
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सीबीआई ने तीन लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए नोएडा से मेडिकल अधिकारी को किया गिरफ्तार।
HighLights
सीबीआई ने नोएडा से रिश्वत लेते दो को पकड़ा।
मेडिकल ऑफिसर डॉ. शाक्य और अस्पताल एजीएम गिरफ्तार।
मरीजों को अनावश्यक रेफर करने पर तीन लाख रिश्वत।
जागरण संवादाता, गाजियाबाद। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक एटा में तैनात मेडिकल आफिसर मेजर (सेवानिवृत्त) डॉ. आशीष शाक्य को तीन लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए नोएडा से रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
उनके साथ नोएडा स्थित फेलिक्स अस्पताल के सहायक महाप्रबंधक (एजीएम) बिजेंद्र सिंह को भी दबोचा है। सीबीआई ने दोनों आरोपितों को विशेष सीबीआई अदालत गाजियाबाद में पेश किया। अदालत ने आरोपितों की तीन दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर की है।
सीबीआई ने 15 मार्च 2026 को मिली सूचना के आधार पर मामला दर्ज किया गया था। आरोप है कि डॉ. शाक्य मरीजों को बिना जरूरी मेडिकल कारण के नोएडा के फेलिक्स अस्पताल में रेफर करते थे। इसके बदले रिश्वत लेते थे। इस साजिश में अस्पताल के अधिकारी सुमित गुप्ता, रोहित अग्रवाल और बिजेंद्र सिंह की भी भूमिका सामने आई है।
जांच में पता चला कि 11 मार्च को डॉ. शाक्य ने अस्पताल के अधिकारी सुमित गुप्ता से बातचीत कर रेफरल के बदले लंबित रिश्वत जल्द देने को कहा था। इसके बाद 14 मार्च को नोएडा में मुलाकात तय हुई और रकम देने की व्यवस्था की गई।
तीन लाख रुपये लेते गिरफ्तार
सीबीआई ने जाल बिछाकर 15 मार्च को सेक्टर-137 स्थित फेलिक्स अस्पताल के कान्फ्रेंस रूम में डॉ. शाक्य को बिजेंद्र सिंह से तीन लाख रुपये लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। एजेंसी ने रिश्वत की पूरी रकम मौके से बरामद कर ली। सीबीआइ का कहना है कि मामले की जांच जारी है और अन्य दस्तावेजी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
साथ ही इस प्रकरण में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। दोनों आरोपितों से पूछताछ के लिए एक सप्ताह के पुलिस कस्टडी रिमांड की मांग की गई है। कोर्ट में सुनवाई के बाद दोनों आरोपियों का तीन दिन का पुलिस कस्टडी डिमांड स्वीकार किया है।
