गाजियाबाद के जिला महिला अस्पताल के तीन डॉक्टरों ने दिया इस्तीफा, ओपीडी में मरीजों की लगी लंबी कतार
गाजियाबाद के जिला महिला अस्पताल में तीन डॉक्टरों ने इस्तीफा दे दिया है, जिससे चिकित्सकों की भारी कमी हो गई ...और पढ़ें
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जिला महिला अस्पताल में हो रही मरीजों की भीड़। जागरण

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जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। जिला महिला अस्पताल इन दिनों चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। ऐसे में अस्पताल की तीन महिला चिकित्सकों ने त्याग पत्र दे दिया है। अस्पताल के कार्यवाहक सीएमएस डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने इसकी पुष्टि की है।
उन्होंने बताया कि डॉ.दीप्ति गुप्ता, डॉ.रविता सिंह और डॉ. ईशिका किन्हीं कारणों से नौकरी से त्याग पत्र दे गईं हैं। हालांकि कारण एमडी की पढ़ाई बताया जा रहा है। सीएमएस ने बताया कि सोमवार को एक चिकित्सक की नियुक्ति एनएचएम के तहत की गई है।
डॉ. आकांक्षा यादव ने साेमवार कार्यभार संभाल लिया। सोमवार को अस्पताल में पांच सौ से अधिक महिला मरीज पहुंची। चिकित्सकों की कमी के चलते केवल दो महिला चिकित्सकों ने ही पूरी ओपीडी को संभाला। डॉ. शशिप्रभा और डॉ. इंदिरा की ओपीडी में सुबह नौ बजे से लेकर दो बजे तक महिला मरीजों की लंबी कतार लगी रही।
अस्पताल में कितने डॉक्टर होने चाहिए?
सीएमएस ने बताया कि डॉ. माला शर्मा के ट्रेनिंग में चले जाने और डॉ. अर्चना त्यागी की लेबर रूम में ड्यूटी लगने से ओपीडी प्रभावित रहीं। सीएमएस का कहना है कि अस्पताल में कम से कम 17 महिला चिकित्सक होनी चाहिये, लेकिन 12 चिकित्सकों के सहारे सबसे बड़े अस्पताल को चलाया जा रहा है।
सीएमएस का दावा है कि ओपीडी के साथ एसएनसीयू, सामान्य प्रसव, इमरजेंसी,सिजेरियन प्रसव, एमएलसी, वीआइपी ड्यूटी और जेल ड्यूटी भी उक्त में से ही लगानी पड़ती हैं।
सीएमएस का कहना है कि सीएमओ से लेकर शासन स्तर तक चिकित्सकों की कमी को पूरा करने का अनुरोध करते हुए लगातार पत्र भेजे जा रहे हैं। कुछ दिन पहले तीन चिकित्सकों की नियुक्ति सीएमओ स्तर से की गई थी लेकिन अचानक उनके त्याग पत्र देने से फिर से चिकित्सकों की कमी पड़ गई है।
