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गाजियाबाद के गज्जी भाटी हत्याकांड में पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा बरी, कोर्ट ने सबूतों के अभाव में दिया फैसला

Published: Tue, 13 Oct 2026 12:10 AM (IST)

खोड़ा के गज्जी भाटी हत्याकांड में पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा समेत तीन आरोपियों को एमपी-एमएलए कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया है।

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HighLights

  1. खोड़ा गज्जी भाटी हत्याकांड में पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा बरी

  2. एमपी-एमएलए कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में सुनाया फैसला

  3. मृतक के भाई ने उच्च न्यायालय में चुनौती देने की बात कही

जागरण संवाददाता, गाजियाबाद। खोड़ा में वर्ष 2017 में हुए गज्जी भाटी हत्याकांड में पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा को कोर्ट ने बरी कर दिया है। दो अन्य आरोपियों को भी बरी किया गया है।

कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में आरोपियों को बरी करते हुए कहा कि अभियोजन आरोपियों के खिलाफ आरोप साबित करने में सफल नहीं रहा। पूर्व विधायक अमरपाल शर्मा ने इसे सत्य की जीत बताया है।

गज्जी भाटी के भाई योगेश भाटी का कहना है कि वह स्थानीय कोर्ट के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती देंगे।

साक्ष्य के अभाव में पूर्व विधायक बरी

सोमवार को मामले की अंतिम सुनवाई के बाद एमपी-एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश निशांत मान ने साक्ष्य के अभाव में फैसला सुनाते हुए अमरपाल शर्मा, राजू पहलवान और नरेंद्र उर्फ फौजी को बरी कर दिया।

बचाव पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता नवीन त्यागी के मुताबिक दो सितंबर 2017 को खोड़ा निवासी रीना भाटी अपने पति गज्जी भाटी, देवर योगेश भाटी और ड्राइवर बलवीर सिंह के साथ गाड़ी से ईद मिलन के लिए जा रही थीं।

रास्ते में किसी वजह से गज्जी भाटी गाड़ी से उतर गए। इसके बाद रीना भाटी अन्य लोगों के साथ गाड़ी से चली गईं। गज्जी भाटी ड्राइवर बलवीर सिंह के साथ बाइक से घर लौटने लगे। इसी दौरान घर के करीब पहुंचने पर बाइक सवार बदमाशों ने दोनों पर गोलियां चला दीं।

गोली लगने से घायल गज्जी भाटी को मेट्रो अस्पताल और बलवीर सिंह को दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने गज्जी भाटी को मृत घोषित कर दिया।

मामले में उनके भाई योगेश भाटी ने अमरपाल शर्मा को साजिशकर्ता एवं राजू पहलवान और नरेंद्र उर्फ फौजी को शूटर बताते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने राजू पहलवान और नरेंद्र उर्फ फौजी को गिरफ्तार किया था, जबकि अमरपाल शर्मा ने अदालत में आत्मसमर्पण किया था।

सपा के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं अमरपाल

गज्जी भाटी भाजपा से जुड़े हुए थे। वर्ष 2017 में उनकी हत्या के बाद पत्नी रीना भाटी को भाजपा ने खोड़ा नगर पालिका चेयरमैन के लिए चुनाव में उतारा।

रीना भाटी इसके बाद चुनाव जीतकर खोड़ा पालिका चेयरमैन रहीं। वर्ष 2023 में हुए नगर पालिका चुनाव में रीना भाटी को अमरपाल शर्मा की पत्नी मोहिनी शर्मा के हाथों हार का सामना करना पड़ा।

मोहिनी शर्मा ने निर्दलीय चुनाव लड़कर जीत हासिल की। अमरपाल शर्मा के बरी होने के बाद आगामी विधानसभा चुनाव में सपा के टिकट पर साहिबाबाद विधानसभा से चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है।

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