ट्रैफिक रूल्स ताक पर: 200 चालान के बाद भी सड़क पर दौड़ रहीं रोडवेज बसें, फिरोजाबाद में उड़ी नियमों की धज्जियां
फिरोजाबाद और शिकोहाबाद में रोडवेज बसें 50 से 200 तक चालान होने के बावजूद सड़कों पर बेधड़क दौड़ रही हैं, ...और पढ़ें

रोडवेज बस।
HighLights
रोडवेज बसों पर 50 से 200 तक लंबित चालान पाए गए।
तीन चालान के बाद भी चालकों के डीएल निलंबित नहीं हुए।
चालक कम वेतन को चालान भुगतान में बाधा बताते हैं।
जागरण संवाददाता, फिरोजाबाद। शहर का जैन मंदिर हो या फिर शिकोहाबाद का एटा चौराहा दोनों ही स्थानों पर यातायात व्यवस्था को बिगाड़ने में रोडवेज बसों की अहम भूमिका है। ऐसी स्थिति में यातायात पुलिस द्वारा उनके चालान भी किए जा रहे हैं। फिर भी मनमानी कम नहीं हुई। दैनिक जागरण ने शनिवार दोपहर 12 बजे बसों के हुए चालानों की पड़ताल की, तो एक बस पर चालानों की 50 से लेकर 200 तक मिली। फिर भी चालक बसों को दौड़ा रहे थे।
परिवहन विभाग का नियम है कि तीन से अधिक बार चालान होने पर चालक का ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) तीन माह के लिए निलंबित किया जाता है, लेकिन इन रोडवेज बस चालकों पर कार्रवाई अब तक नहीं की गई।
तीन चालान के बाद डीएल निलंबित करने का है नियम, पालन नहीं
रोडवेज बसें स्टैंड पर क्यों नहीं आतीं? इस सवाल पर परिवहन निगम के अधिकारियों और बस चालकों के दावे आमने-सामने हैं। अधिकारी कहते हैं कि चालक अपनी मर्जी से बसों को डिपो में नहीं लाते, जबकि चालकों का कहना है कि उन्हें चौराहों से ही सवारी भरने के निर्देश दिए जाते हैं। इस खींचतान के बीच बसों के ऑनलाइन चालान का रिकॉर्ड व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
जागरण की टीम ने शनिवार दोपहर बस स्टैंड और जैन मंदिर पर बसों के नंबर से उनके चालानों की संख्या चेक की, तो यह संख्या 50 से लेकर 199 पाई गई। इतने चालान होने के बाद भी चालक बेधड़क बसों को दौड़ा रहे थे।
किस बस पर कितने चालान
शनिवार को शिकोहाबाद डिपो की बस संख्या UP 78 HT 9850 पर 49, औरैया डिपो की बस संख्या UP 78 HT 3816 पर 94, इटावा डिपो की बस संख्या UP 78 HT 6742 पर 45, औरैया डिपो की बस संख्या UP 78 HT 7611 पर 106, इटावा डिपो की बस संख्या UP 78 HT 2591 पर तीन और मथुरा डिपो की अनुबंधित बस संख्या UP 85 AT 6019 पर 199 चालान मिले। सभी बसों के चालानों की स्थिति लंबित थी। चालकों ने इसका कारण बताया कि 12 से 14 हजार के वेतन में कैसे चालानों का भुगतान किया जाए। अधिकारी भुगतान की जिम्मेदारी उनके ऊपर डाल देते हैं।
यह भी पढ़ें- आधार में नाम अपडेट के लिए UIDAI की नई SOP जारी: अब हर बदलाव के लिए अलग प्रक्रिया और शपथपत्र
यह है नियम
नियम है कि एक वर्ष के अंदर यदि किसी भी वाहन का तीन से अधिक बार चालान कटता है, या फिर लगातार परमिट नियम या ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन करते हुए वाहन चालक पाए जाते हैं, तो उनके विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम की धारा 86 के तहत परमिट निलंबित या निरस्त करने का प्रावधान है। साथ ही धारा 207 के तहत वाहन सीज करने प्रावधान है।
