घरेलू कनेक्शन धारकों की समस्या बढ़ गई: महंगा मिलेगा LPG सिलिंडर, मैनपुरी में 30% उपभोक्ताओं की रह गई E-Kyc
मैनपुरी में लगभग 30% घरेलू एलपीजी कनेक्शन धारक ई-केवाईसी न कराने के कारण अब कमर्शियल दरों पर सिलिंडर खरीदेंगे। शासन ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
मैनपुरी में 30% घरेलू उपभोक्ता ई-केवाईसी न कराने से प्रभावित।
अब उन्हें घरेलू एलपीजी सिलिंडर कमर्शियल दरों पर खरीदना होगा।
30 सितंबर की अंतिम तिथि के बाद नई व्यवस्था अनिवार्य।
जागरण संवाददाता, मैनपुरी। ई-केवाइसी की प्रक्रिया से दूरी बनाने वाले घरेलू एलपीजी कनेक्शन धारकों की समस्या बढ़ गई है। लगभग 30 प्रतिशत उपभोक्ता ऐसे हैं, जिन्हें घरेलू सिलिंडर के लिए एजेंसी पर कमर्शियल सिलिंडर वाले दाम चुकाने होंगे। शासन स्तर से लगातार उपभोक्ताओं को संबंधित एजेंसियों पर पहुंचकर अपनी ई-केवाइसी की प्रक्रिया पूर्ण कराने के लिए कहा जा रहा था।
एलपीजी वितरण कंपनियों के स्तर से लगभग तीन वर्ष से अपने उपभोक्ताओं को मैसेज अथवा फोन के माध्यम से ई-केवाइसी कराने के लिए कहा जा रहा था। छह माह पहले से ही यह स्पष्ट कर दिया गया था कि प्रक्रिया से वंचित रहने वालों को घरेलू सिलिंडर कमर्शियल के रेट पर मिलेंगे।
30 सितंबर बुधवार को अंतिम तिथि देख उपभोक्ता संबंधित एजेंसियों पर पहुंचने लगे थे। एक साथ भीड़ बढ़ने से सर्वर ने भी काम करना बंद कर दिया था।
घरेलू सिलिंडर को चुकाने होंगे कमर्शियल वाले दाम
गुरुवार से नई व्यवस्था अनिवार्य हो गई। जिला पूर्ति कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिले में लगभग 30 प्रतिशत उपभोक्ता ई-केवाइसी से वंचित रह गए हैं। अब इन्हें नई रिफिल बुकिंग के लिए कमर्शियल सिलिंडर के दाम का भुगतान करना होगा।
जिले में एजेंसियों की संख्या: कंपनी का नाम, संख्या
- इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड, 17
- भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड, 09
- हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड, 04
ये है जिले की स्थिति
- 30 एजेंसी जिले संचालित हो रही हैं।
- 173949 उपभोक्ता उज्जवला कनेक्शनधारक हैं।
- 287428 उपभोक्ता सामान्य घरेलू कनेक्शनधारक हैं।
यह कंपनियों की व्यवस्था है। अब नए नियम के अनुरूप ही सिलिंडर मिल पाएंगे। ई-केवाइसी की प्रक्रिया लंबे समय से संचालित की जा रही है। अग्रिम निर्देश अथवा व्यवस्था की जानकारी उपभोक्ताओं को संबंधित एजेंसियों के स्तर से ही बेहतर ढंग से मिल पाएगी।
रमन मिश्रा, जिला पूर्ति अधिकारी।
