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आधार में नाम अपडेट के लिए UIDAI की नई SOP जारी: अब हर बदलाव के लिए अलग प्रक्रिया और शपथपत्र

Published: Sun, 04 Oct 2026 09:20 AM (IST)

अब डाटा एंट्री की गलती, विवाह/तलाक के बाद सरनेम बदलने या 'उर्फ' हटाने जैसे मामलों के लिए विशिष्ट शपथपत्र और पहचान संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।

HighLights

  1. यूआईडीएआई ने आधार नाम अपडेट के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया जारी की।

  2. डाटा एंट्री गलती, सरनेम बदलाव हेतु अब अलग शपथपत्र देना होगा।

  3. बड़े नाम परिवर्तन के लिए गजट अधिसूचना और पुराने दस्तावेज आवश्यक होंगे।

जागरण संवाददाता, आगरा। आधार में नाम अपडेट कराने की प्रक्रिया को लेकर भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने नया मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी किया है। इस एसओपी में नाम में होने वाली विभिन्न प्रकार की गलतियों और बदलावों के लिए अलग-अलग प्रक्रिया और दस्तावेज निर्धारित किए गए हैं। यूआईडीएआई की वेबसाइट पर इसे “आधार में नाम अपडेट करने के लिए स्टैंडर्ड आपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) का पालन किया जाना है।” के नाम से जारी किया गया है।

क्या है एसओपी?

एसओपी यानी स्टैंडर्ड आपरेटिंग प्रोसीजर (मानक संचालन प्रक्रिया)। किसी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए तय किए गए मानक नियम और दिशा-निर्देश को एसओपी कहा जाता है। इसमें अलग-अलग परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और संबंधित प्रविधान स्पष्ट किए जाते हैं। यूआईडीएआई ने आधार में नाम अपडेट से जुड़े मामलों के लिए नया एसओपी जारी किया है, जिसमें नाम में बदलाव या सुधार की अलग-अलग परिस्थितियों के अनुसार प्रक्रिया और दस्तावेज निर्धारित किए गए हैं।

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डाटा एंट्री की गलती पर अलग शपथपत्र

यदि आधार में नाम डाटा एंट्री की गलती से गलत दर्ज हो गया है और पहले प्रस्तुत किए गए पहचान या संबंध के दस्तावेज में सही नाम दर्ज है, तो निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार वयस्क के लिए अनुबंध-बी और नाबालिग के लिए अनुबंध-सी का शपथपत्र लगाया जाएगा। साथ में निर्धारित पहचान या संबंध का दस्तावेज देना होगा।

विवाह या तलाक के बाद सरनेम बदलाव

विवाह या तलाक के बाद सरनेम में बदलाव के मामलों के लिए अनुबंध-डी शपथपत्र का प्रविधान किया गया है। इसके साथ निर्धारित पहचान संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा।

उर्फ हटाने के लिए भी अलग व्यवस्था

नाम में ‘उफ’ दर्ज होने और उसमें से किसी एक नाम को हटाकर एक नाम रखने के मामले में वयस्कों के लिए अनुबंध-ई और नाबालिगों के लिए अनुबंध-एफ शपथपत्र का प्रविधान है। इसके साथ निर्धारित पहचान या संबंध संबंधी दस्तावेज देना होगा।

बड़े नाम परिवर्तन में गजट जरूरी

यदि नाम या पहचान में बड़ा बदलाव किया जाना है तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत गजट नोटीफिकेशन की जरूरत हो सकती है। यूआइडीएआइ की मौजूदा जानकारी के अनुसार पहले/पूरे नाम में बदलाव के लिए गजट अधिसूचना और पुराने नाम वाला पहचान दस्तावेज प्रस्तुत करना होता है।

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रैंक और उपाधि हटाने का भी प्रावधान

नाम में दर्ज रैंक, पद या प्रिफिक्स जैसे डॉ., कर्नल, श्री, श्रीमती, मिस्टर आदि को हटाने के लिए भी एसओपी में प्रविधान दिया गया है। ऐसे मामलों में निर्धारित पहचान दस्तावेज के आधार पर प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

पुराना शपथपत्र लगाकर न कराएं आवेदन

नाम अपडेट कराने वाले लोगों को अपने मामले की श्रेणी के अनुसार निर्धारित दस्तावेज और संबंधित अनुबंध का इस्तेमाल करना होगा। यूआईडीएआई की मौजूदा व्यवस्था में नाम अपडेट के लिए आधार केंद्र पर जाना होता है। सामान्य तौर पर नाम में दो बार अपडेट की अनुमति है। इसके बाद आगे बदलाव के लिए गजट अधिसूचना और निर्धारित अपवाद प्रक्रिया लागू होती है।


नए एसओपी में आधार में नाम अपडेट से जुड़े अलग-अलग मामलों के लिए प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज को स्पष्ट किया गया है। आवेदक को अपने मामले की श्रेणी के अनुसार निर्धारित दस्तावेज और संबंधित अनुबंध प्रस्तुत करना होगा।

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विशाल दीप, सेंट्रल आपरेशन मैनेजर, आधार सेवा केंद्र