फिरोजाबाद में देश का पहला ग्लास म्यूजियम हो रहा तैयार, 47.47 करोड़ की लागत से पूरी होगी सालों पुरानी मांग
फ़िरोज़ाबाद में देश का पहला ग्लास म्यूजियम 47.47 करोड़ रुपये की लागत से 25,700 वर्ग मीटर भूमि पर बनकर तैयार हो रहा है।

जिला मुख्यालय पर निर्माणाधीन ग्लास म्युजियम: जागरण
HighLights
देश का पहला ग्लास म्यूजियम फ़िरोज़ाबाद में तैयार।
47.47 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित, नवंबर में लोकार्पण।
कांच और चूड़ी उद्योग को मिलेगी नई पहचान, बढ़ावा।
विमल कुलश्रेष्ठ, फिरोजाबाद। देश का पहला ग्लास म्यूजियम (कांच संग्रहालय) जिला मुख्यालय पर तैयार हो रहा है। यहां देश-विदेश से आने वाले उद्यमियों और कारोबारियों को एक ही छत के नीचे कांच की रंग-बिरंगी चूड़ियों से लेकर कारखाने और हस्तशिल्प उत्पादों की चमक देखने को मिलेगी। इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट का कार्य अंतिम चरण में चल रहा है। नवंबर में इसका लोकार्पण प्रस्तावित है।
कांच की रंग-बिरंगी चूड़ियों के नाम से देशभर में विख्यात शहरवासियों को जल्द बड़ी सुविधा मिलने जा रही है। शहर में कांच और चूड़ी उद्योग से पांच लाख से अधिक श्रमिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं। इसको बढ़ावा देने के लिए उद्यमी वर्षों से ग्लास म्यूजियम बनाने की मांग कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने दी थी स्वीकृति
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) के तहत जिला मुख्यालय पर विशाल ग्लास म्यूजियम बनाने को स्वीकृति प्रदान की। 25,700 वर्ग मीटर में बन रहा म्यूजियम अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा।
इसके साथ 500 सीटों वाला आडिटोरियम और 150 सीटों वाला ओपन-एयर थिएटर, वाच टावर और आर्ट गैलरी भी बनी हैं, जहां कांच की कलाकृतियों का प्रदर्शन होगा। इसके साथ मल्टीपर्पज हाल, कैफेटेरिया और पर्यटन सूचना केंद्र भी तैयार हो रहा है, जो आगंतुकों को विश्व स्तरीय अनुभव प्रदान करेंगे।
मंत्री ने बताया
अत्याधुनिक सुविधा से युक्त देश का पहला ग्लास म्यूजियम लगभग तैयार है। रंग-बिरंगी लाइटें और साउंड लगने के साथ सजावट का कार्य कराया जा रहा है, जो अक्टूबर के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। इससे चूड़ी और कांच उद्योग को नई पहचान मिलेगी। एक ही छत के नीचे हर तरह की सुविधा होगी।
-जयवीर सिंह, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री प्रदेश सरकार।
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