सोनभद्र का जुगैल बनेगा प्रदेश का पहला पांच टावर वाला गांव, नेटवर्क में होंगे सभी 75 टोले
सोनभद्र के जुगैल ग्राम पंचायत में अब पांच मोबाइल टावर लगेंगे, जिससे यह प्रदेश का पहला ऐसा गांव बन जाएगा। ...और पढ़ें

सोनभद्र के जुगैल में लगेंगे पांच मोबाइल टावर, सभी टोले होंगे नेटवर्क से कनेक्ट।
HighLights
जुगैल में लगेंगे पांच मोबाइल टावर, नेटवर्क समस्या होगी खत्म।
प्रदेश का पहला गांव बनेगा जहां होंगे इतने अधिक टावर।
सभी 70 टोलों में ऑनलाइन शिक्षा व डिजिटल पहुंच बढ़ेगी।
मुकेश चंद्र श्रीवास्तव, सोनभद्र। देश में एक मात्र सोनभद्र ही जिला है जिसकी सीमाएं चार राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार व झारखंड से जुड़ी है। आइए हम ले चलते हैं जिले की एक ऐसी ग्राम पंचायत जुगैल, जहां प्रदेश में सर्वाधिक 46 परिषदीय स्कूल हैं। यहां की आबाद भी भारी-भरकम लगभग 60 हजार हैं और मतदाता 32 हजार, जो 70 टोलों में बटी है।
इस पंचायत लगभग की लंबाई एक से दूसरी छोर तक लगभग 20 किलोमीटर है। यह बात हो गई इस गांव की खासियत की। अब यहां की दुश्वारियां बताने जा रहे हैं, जो आजादी के बाद आज तक दूर नहीं हो पाई है। यहां की सबसे बड़ी समस्या नेटवर्क की है। स्थिति यह हो जाती है कि अगर किसी को इमरजेंसी आ जाए तो या तो वह टावर के आसपास जाएगा या फिर पेड़ पर चढ़कर मोबाइल से बात करनी पड़ी है।
वैसे इस गांव में मोबाइल के दो टावर लग चुके हैं, लेकिन यह नाकाफी ही साबित हो रहे है। किसी एक गांव में अधिकतम दो टावर लग सकते हैँ लेकिन यहां पर अब तीन अतिरिक्त टावर लगने जा रहे हैं, जिसके साथ ही यहां टावरों की संख्या पांच हो जाएगी।
इसके बाद जुगैल प्रदेश का पहला पांच टावर वाला गांव बन जाएगा। यहां के सभी टोले नेटवर्क में आ जाएंगे और लोगों की यह समस्या दूर हो जाएगी। अभी जो टावर लगे हैं उसमें एक बीएसएनएल व एयरटेल के हैं। जबकि लगने वाले तीन टावर में दो बीएसएनएल व एक एयरटेल का होगा। इनसे फाेर व फाइव जी सेवा उपलब्ध होगी।
सरकारी योजना व युवाओं के सपनों को लगेंगे पंख
नेटवर्क की उपलब्धता बढ़ने से विद्यार्थियों को आनलाइन अध्ययन सामग्री, युवाओं को रोजगार व प्रतियोगी परीक्षाओं की जानकारी और ग्रामीणों को सरकारी सेवाओं तक डिजिटल पहुंच आसान होगी। आपात स्थिति में पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से संपर्क भी बेहतर हो सकेगा। यानी टावर सिर्फ मोबाइल सिग्नल नहीं बढ़ाएंगे, बल्कि जुगैल के दूरस्थ टोलों को डिजिटल रूप से मुख्यधारा से जोड़ने का काम करेंगे।
46 स्कूलों वाला ग्राम सभा, फिर भी डिजिटल पहुंच अधूरी
जुगैल में परिषदीय शिक्षा का इतना बड़ा नेटवर्क इस बात का संकेत है कि यहां बच्चों की संख्या और शिक्षा की जरूरत भी व्यापक है। लेकिन कई टोलों में नेटवर्क की समस्या आनलाइन पढ़ाई और डिजिटल संसाधनों के इस्तेमाल में बाधा बनती है। यही विरोधाभास जुगैल के विकास की चुनौती को सामने लाता है एक तरफ 46 परिषदीय स्कूल, दूसरी तरफ उन्हीं बच्चों के गांव के कई हिस्सों में मोबाइल नेटवर्क का संकट।
जनपद के दूरस्थ एवं नेटवर्क समस्या से प्रभावित क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्टिविटी बेहतर करने को लेकर प्रशासन लगातार सक्रिय है। पिछले चार महीनों में जनपद में 28 नए मोबाइल टावर लगाए जाने की स्वीकृति मिली है, जिनमें 22 टावरों की स्थापना का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इसके अलावा छह अन्य टावरों लगाने का कार्य शीघ्र प्रारंभ होगा। इनमें तीन टावर तो अकेले जुगैल में लगेंगे। इस प्रकार जुगैल में कुल पांच टावर हो जाएंगे। इसके बाद जुगैल प्रदेश में सर्वाधिक टावर वाला गांव हो जाएगा।
