करवा चौथ पर बढ़ा 'बुलडोजर' और 'सदा सुहागिन कंगनों का क्रेज, फिरोजाबाद की चूड़ियां बनीं महिलाओं की पहली पसंद
फिरोजाबाद की रंग-बिरंगी चूड़ियों पर करवा चौथ का रंग चढ़ गया है, जिसमें 'बुलडोजर' और 'सदा सुहागिन' जैसे नामों की चूड़ियां महिलाओं की पहली पसंद बनी हैं।

बोरोसिल के डिजाइनर कंगन और गोदाम में तैयार कंगन पैक करते कारीगर
HighLights
करवा चौथ पर फिरोजाबाद की चूड़ियों की बढ़ी मांग।
'बुलडोजर' और 'सदा सुहागिन' चूड़ियां बनीं महिलाओं की पसंद।
त्योहारों के सीजन से चूड़ी उद्योग को मिली नई संजीवनी।
जागरण संवाददाता, फिरोजाबाद। सावन के बाद अब कांच की रंग-बिरंगी चूड़ियों पर करवा चौथ का रंग चढ़ने लगा है। महिलाओं को लुभाने के लिए कारोबारियों द्वारा करवा स्पेशल, सदा सुहागिन और बुलडोजर जैसे नामों की लाल, मेहरून रंग की चूड़ियों और बेजोड़ कंगन तैयार कराए गए हैं, जो पूरे देश में छाए हुए हैं। ये कांच की खोखली छड़ काे काटकर बनाए जाते हैं।
29 अक्टूबर को करवा चौथ का पर्व उल्लास के साथ मनाया जाएगा। अपने सुहाग की लंबी आयु के लिए महिलाएं व्रत रखने के साथ सोलह श्रृंगार करती हैं। इसमें शहर में बनने वाली कांच की लाल चूड़ियां भी शामिल होती हैं। पिछले छह माह से चूड़ी बनाने में प्रयोग होने वाली नेचुरल गैस व केमिकल के दाम बढ़ने के कारण चूड़ी उद्योग पर संकट नजर आ रहा था।
सावन के सीजन ने चूड़ी उद्योग को नई संजीवनी देने का काम किया। अब नवरात्र महोत्सव, दशहरा के बाद करवा चौथ, दीपावली और बिहार में छठ पूजा जैसे प्रमुख त्योहार के सीजन में चूड़ियों की मांग तेजी से बढ़ गई है।
शहर के प्रमुख कारोबारियों को करवाचौथ के लिए यूपी, हिमाचल, पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र, जम्मू सहित अन्य प्रांतों से लाखों के ऑर्डर मिले हैं, जिससे चूड़ी बाजार में खूब रौनक दिख रही है। गुजरात में गरवा (दुर्गा पूजन) पर भी अच्छा कारोबार हुआ है।
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चूड़ी कारोबार पर एक नजर
- 5000 हजार से अधिक कारोबारी हैं शहर
- 200 करोड़ से अधिक कारोबार की उम्मीद
यह हैं चूड़ी के प्रचलित नाम: पिया पसंद, श्रंगार, पानीपत, सीकर, महक, कमल, घुंघरू, रश्मिका, आदर्श नारी सहित ब्रांडनेम की फैंशी और आकर्षक चूड़ियां तैयार कराई गई हैं, जो 50 से 200 रुपये प्रति डिब्बी तक उपलब्ध हैं।
करवा चौथ के पर्व लिए विभिन्न डिजाइन और नामों की चूड़ियाें और कंगन तैयार कराए गए हैं। इस बार मशीनों और कारीगरों की मदद से प्रिटिंग और जर्किन लगाने का कार्य कराया गया है। इस पर्व पर देश भर से थ्रीडी प्रिंट वाली चूड़ियाें और बोरोसिल कंगन के काफी अच्छे ऑर्डर मिले हैं।- आनंद अग्रवाल, कारोबारी
पूरे वर्ष में जितनी चूड़ियों की बिक्री होती है, उसकी 50 प्रतिशत बिक्री त्योहार के इस सीजन में हो जाती है। छठ पूजा के लिए भी बिहार और झारखंड से इस बार उम्मीद से अधिक मांग आई है। जिससे मंदी के दौर से गुजर रहे चूड़ी उद्योग के लिए अच्छा संकेत मिला है।- आलिंद अग्रवाल, कारोबारी
