फिरोजाबाद ट्रामा सेंटर में मानसिक रोगी की पिटाई से मचा बवाल, डॉक्टर और पुलिस पर आरोप
फिरोजाबाद के सरकारी ट्रामा सेंटर में एक मानसिक रोगी को डॉक्टर, पुलिस और सुरक्षा गार्ड ने कथित तौर पर पीटा, ...और पढ़ें

इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित सरकारी ट्रामा सेंटर में रविवार को मानसिक रोगी की पिटाई के बाद हंगामे का वीडियो :वीडियो ग्रेब
HighLights
फिरोजाबाद ट्रामा सेंटर में मानसिक रोगी को पीटा गया।
डॉक्टर, पुलिस और गार्ड पर पिटाई का आरोप लगा।
स्वजनों ने डेढ़ घंटे तक हंगामा किया, सेवाएं बाधित हुईं।
जागरण संवाददाता, फिरोजाबाद। सरकारी ट्रामा सेंटर में एक बार फिर मानवता को शर्मसार करने की घटना सामने आई। रविवार दोपहर उपचार के लिए पहुंचे मानसिक रोगी की लात लगने से डॉक्टर उत्तेजित हो गए। उन्होंने रोगी की पिटाई कर दी। इसके बाद कमरे में बंद कर उसे डॉक्टर, पुलिस और सुरक्षा गार्ड ने पीटा। वारदात के बाद स्वजन ने डेढ़ घंटे तक हंगामा किया। इससे अफरातफरी फैल गई। चिकित्सा सेवाएं भी प्रभावित हुईं।
कोटला रोड गल्ला मंडी के पास रहने वाले युवक अजय कुमार मानसिक रूप से परेशान हैं। रविवार दोपहर अजय की हालत बिगड़ने पर स्वजन ने 112 पर कॉल कर पुलिस को बुला लिया। इसके बाद पुलिस और स्वजन अजय को दोपहर ढाई बजे एबुलेंस से सरकारी ट्रामा सेंटर लेकर पहुंचे।
अजय हाथ-पैर पटक रहा था, इसलिए स्वजन ने उसके हाथों को स्वयं कपड़े से बांध दिया। सरकारी ट्रामा सेंटर में अजय की लात ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के पेट में लग गई। इससे भड़के डाक्टर ने इलाज की जगह युवक की पिटाई कर दी। वहां मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों ने भी उसे पीटा।
डेढ़ घंटे तक रही अफरातफरी, चिकित्सा सेवाएं रहीं प्रभावित
स्वजन ने आरोप लगाया कि ट्रामा सेंटर के अंदर एक कमरे में बंद करके डाक्टर, मेडिकल कॉलेज चौकी पुलिस के दो सिपाहियों, गार्ड और स्वास्थ्यकर्मियों ने अजय को पीटा। इससे उसके मुंह से खून बहने लगा। युवक को पीटे जाने से आहत स्वजन ने हंगामा शुरू कर दिया। वह अजय को ट्रामा सेंटर के बाहर ले लाए। स्वजन हंगामा करते रहे और अजय वहीं जमीन पर पड़ा रहा। स्वजन की मांग की थी सीसीटीवी चेक करके पीटने वाले डॉक्टर, स्टाफ व सिपाही के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
पुलिस ने समझाने का किया प्रयास
सूचना पर पहुंचे चौकी प्रभारी शुभम दहिया ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। करीब डेढ घंटे तक हंगामा करने के बाद स्वजन अजय को लेकर चले गए। अजय के साथ आईं आरती ने बताया कि डॉक्टर उसे आगरा मानसिक रोग चिकित्सालय में ले जाने की बात कह रहे थे। उन्होंने उपचार न करने का भी आरोप डॉक्टर और स्टाफ पर लगाया। चौकी प्रभारी शुभम दहिया ने पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट करने की बात से इनकार किया है।
यह भी पढ़ें- संत प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोला मौत का कारण, प्राइवेट पार्ट क्यों काटा? जांच जारी
यह भी पढ़ें- कैसे हुई संत प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी की मौत? 11 मिनट के CCTV में कैद! प्राइवेट पार्ट काटा
सीएमएस ने दिया ये तर्क
सीएमएस डॉ. नवीन जैन का कहना है कि बताया कि मरीज ने डॉक्टर के पेट में लात मार दी थी, इस पर डॉक्टर ने प्रतिक्रिया दी। कमरे में बंद करके पीटने की बात गलत है। स्वजन के हंगामा करने से चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हुईं व अन्य मरीजों को भी परेशानी हुई।
