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CHO की हड़ताल से फिरोजाबाद के 167 आयुष आरोग्य मंदिरों पर ताला, ग्रामीण मरीजों की बढ़ी परेशानी

By Rajneesh Kumar MishraEdited By: Abhishek Saxena
Published: Mon, 05 Oct 2026 11:13 AM (IST)

फिरोजाबाद के ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) 30 सितंबर से हड़ताल पर हैं, जिससे 167 आयुष्मान आरोग्य मंदिर ...और पढ़ें

आयुष्मान आरोग्य मंदिर फिरोजाबाद।

आयुष्मान आरोग्य मंदिर फिरोजाबाद।

HighLights

  1. सीएचओ 30 सितंबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं

  2. फिरोजाबाद के 167 आयुष्मान आरोग्य मंदिर बंद, मरीज परेशान

  3. लंबित मांगों को लेकर शासन से कार्रवाई की मांग

जागरण संवाददाता, फिरोजाबाद। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर तैनात सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) हड़ताल पर हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संघ के बैनर तले 30 सितंबर से लखनऊ में अनिश्चित कालीन प्रदर्शन चल रहा है। इसकी वजह से आरोग्य मंदिरों पर ताला लटका हुआ है। उपचार के लिए केंद्र पर आने वाले मरीजों को निराश होना पड़ रहा है या उन्हें पीएचसी, सीएचसी की दौड़ लगानी पड़ रही है।
जिले के ग्रामीण क्षेत्र में 167 आयुष्मान आरोग्य मंदिर हैं। यहां एक सीएचओ की तैनाती है। पांच हजार की आबादी पर गांव में एक केंद्र स्थापित है।

यहां तैनात सीएचओ मरीजों के रक्तचाप, मधुमेह समेत अन्य जांच करते हैं। साथ ही किसी बीमारी की स्थिति में टेलीमेडिसिन के माध्यम से चिकित्सक से संपर्क कर दवा देते हैं।गंभीर मरीजों को पीएचसी, सीएचसी रेफर कर देते हैं।

firozabad small 5 oct

मंदिरों पर चस्पा नोटिस।

लखनऊ में सीएचओ कर रहे हैं प्रदर्शन

सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संघ के जिला अध्यक्ष देवकांत त्यागी ने बताया कि लंबित मांगों को पूरा करने के लिए लखनऊ में प्रदेश भर के सीएचओ प्रदर्शन कर रहे हैं। वर्ष 2024 में आंदोलन के दौरान बनी सहमति पर शासन ने अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं की। इससे सभी आक्रोश है। पूर्व में कई बार शासन को इस संबंध में चेतावनी दी गई थी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इससे नाराज होकर प्रदेश भर के सीएचओ 30 सितंबर से ताला बंद कर प्रदर्शन कर रहे हैं।

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ये हैं मांग

जिलाध्यक्ष ने बताया कि उनकी मांग है कि अलग कैडर निर्माण कर नियमितीकरण के लिए स्पष्ट नीति बनाई जाए, आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर के दिशानिर्देश के अनुसार मानदेय मिले, नियमित भर्तियों में अनुभव के आधार पर वरीयता मिले, रिक्त पदों पर स्थानांतरण और स्वारथ्य बीमा एवं सामाजिक सुरक्षा की मांग है।