30 साल का इंतजार खत्म! फतेहपुर में रिंद नदी पर 11.46 करोड़ रुपये से बनेगा खूंटा पुल, 50 गांवों को मिलेगी बड़ी राहत
रिंद नदी पर खूंटा गांव के पास पुल निर्माण को 11.46 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। इससे ...और पढ़ें

रिंद नदी में खूंटा गांव के घाट पर पानी कम होने के कारण पैदल नदी पार करते ग्रामीण। स्रोत आर्काइव
HighLights
नदी से दो हिस्सों में बंटा है खजुहा ब्लाक, नदी के उस पार हैं पचास गांव
पुल निर्माण से ब्लाक व तहसील मुख्यालय की दूरी 12 किमी होगी कम
चुनावी मुद्दा रहा खूंटा पुल अब बनेगा, रिंद नदी पर निर्माण के लिए 11.46 करोड़ रुपये मंजूर
संवाद सहयोगी, बिंदकी (फतेहपुर)। लंबे इंतजार के बाद आखिर रिंद नदी में खूंटा गांव के पास पुल का निर्माण होगा। शासन ने 11.46 करोड़ 93 हजार रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। अभी नदी के खूंटा घाट पर लोग नाव से आवागमन करते हैं। नदी पर पुल बनाने की मांग करीब 30 वर्ष से हो रही थी। विधान सभा व लोक सभा चुनाव में पुल चुनावी मुद्दा रहा है। पुल निर्माण से पचास गांव के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, तहसील व ब्लाक मुख्यालय की दूरी 12 किमी कम हो जाएगी।
रिंद नदी खजुहा ब्लाक को दो हिस्सों में बांटती है। ब्लाक का एक भाग बिंदकी विधान सभा व दूसरा भाग यमुना कछार का जहानाबाद विधान सभा क्षेत्र में आता है। यमुना कछार के गांव के अधिकांश लोग बाइक से खजुहा ब्लाक आने के इसी रास्ते का उपयोग करते हैं। इसके लिए लोगों को नाव से रिंद नदी पार करनी पड़ती है। खूंटा सहित अन्य गांव के किसानों की भूमि नदी के उस पार है, इस कारण वह प्रतिदिन नाव से नदी पाकर कर खेत जाते हैं।
खूंटा गांव के पास घाट में वर्ष 12 महीने नाव से आवागम होता है। पानी कम होने पर पैदल भी लोग नदी पार करते हैं। इस विधान सभा चुनाव में भी यह पुल चुनावी मुद्दा बना था। बिंदकी विधायक जय कुमार सिंह व जहानाबाद विधायक राजेंद्र सिंह पटेल ने पुल निर्माण के लिए मुख्यमंत्री से मिले थे। जिसकी अब वित्तीय स्वीकृति मिली है। बिंदकी व जहानाबाद विधायक ने पुल निर्माण को वित्तीय स्वीकृति मिलने की जानकारी देते हुए कहा कि पुल निर्माण से वर्षों आवागमन की समस्या का समाधान होगा।
मतदान का बहिष्कार कर दर्ज कराया था विरोध
खूंटा गांव के पास रिंद नदी में पुल निर्माण की मांग करने वाले बिंदकी विधान सभा के गांव खूंटा, हसोलेखेड़ा, बंझोलवा, जलालपुर, रतवाखेड़ा व बरेठी गांव के लोगों ने मतदान का बहिष्कार किया था। इसके बाद अधिकारी पहुंचे थे। वर्तमान विधायक तत्कालीन प्रत्याशी जय कुमार सिंह जैकी ने भी गांव पहुंचकर पुल निर्माण का वादा किया था, तब ग्रामीणों ने मतदान किया था।
आवागमन वाले गांवों की सूची
| क्रम संख्या | गांव का नाम |
|---|---|
| 1 | कटिलिहा |
| 2 | मंसूरपुर |
| 3 | भुरकुसियापुर |
| 4 | डाडा अमौली |
| 5 | हबीबपुर |
| 6 | रणमस्तपुर |
| 7 | रामपुर |
| 8 | गांजर |
| 9 | भारतपुर |
| 10 | आंवरखेड़ा |
| 11 | अंगनाखेड़ा |
| 12 | कसियापुर |
| 13 | गहरूखेड़ा |
| 14 | जाफरगंज |
| 15 | बिंदौर |
| 16 | सैमसी |
| 17 | मौहारी |
| 18 | गंगौली |
| 19 | गजईपुर |
| 20 | धौरहरा |
| 21 | इटरा |
| 22 | बदलुआपुर |
| 23 | बंगला |
| 24 | कुंकेड़ी |
| 25 | कोरउली |
| 26 | कोरवल |
| 27 | मदुरी |
| 28 | कोरवलहार |
| 29 | बारा |
| 30 | खदरी |
| 31 | रेंगना |
| 32 | रेवरी |
| 33 | सिजौली |
| 34 | मांझेपुर |
| 35 | चरई |
| 36 | भीखमपुर |
| 37 | नयापुरवा |
| 38 | सिजौली |
| 39 | लाखीपुर |
| 40 | मऊदेव |
| 41 | बरवा |
| 42 | खूंटाझाल |
| 43 | श्यामपुर |
| 44 | बारा |
| 45 | सुल्तानगढ़ |