फतेहपुर में बाकरगंज-लखनऊ बाईपास के चौड़ीकरण का काम दो महीने के लिए टला, फिलहाल जाम से नहीं मिलेगी निजात
फतेहपुर का बाकरगंज-लखनऊ बाईपास, जो एक महत्वपूर्ण मार्ग है, संकरा होने के कारण भीषण जाम का सामना कर रहा है।
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बाकरगंज-लखनऊ बाईपास संकरा मार्ग से निकलते ई-रिक्शा
HighLights
फतेहपुर बाकरगंज-लखनऊ बाईपास संकरा होने से जाम की समस्या।
₹5 करोड़ की चौड़ीकरण परियोजना दो माह के लिए टली।
सीवर लाइन के काम के कारण सड़क चौड़ीकरण में विलंब।
जागरण संवाददाता, फतेहपुर। बाकरगंज-लखनऊ बाईपास मार्ग शहर का मुख्य मार्ग और कानपुर-प्रयागराज व बांदा सागर मार्ग को जोड़ने का काम करता है। यह मार्ग संकरा होने के कारण शहर व दूर से आए लोग जाम से जूझते रहते हैं। समस्या को देखते शासन ने मार्च माह में एक किमी लंबे की चौड़ाई बढ़ाने के लिए पांच करोड़ रुपये की स्वीकृत दी थी।
विभाग ने ई-टेंडरिंग प्रक्रिया पूरी करने के बाद काम शुरू कराने जा रहा था उसी समय शहर में सीवर लाइन का काम शुरू हो गया। जिससे विभाग ने दो माह बाद सड़क चौड़ा करने का निर्णय लिया है।
शहर के व्यापारियों के दुकान का सामान कानपुर, प्रयागराज, लखनऊ से इसी मार्ग के द्वारा आवागमन हो रहा है। इस के साथ रायबरेली, लखनऊ, प्रतापगढ़, बांदा और कानपुर, प्रयागराज से आने वाले लोग इसी मार्ग से अपनी-अपनी दूरी तय करते हैं। मार्ग संकरा होने के कारण इन जिलों को आवागमन करने वाले वाहन घंटों जाम में फंसे रहते हैं।
दशकों को से इस समस्या को स्थानीय लोग झेलते चले आ रहे हैं। लेकिन मार्च में थोड़ी से उम्मीद मिली लेकिन अब फिर से लोगों पर निराशा छा गयी है। राजू, महेश ने कहा कि कही विभाग सड़क की चौड़ाई का काम न करने और हालत इसी तरह बनी रही। आने वाले समय में और भी स्थित खराब हो जाएगी। क्योकि वाहनों का लगातार दबाव बढ़ रहा है। जिससे जाम की स्थित और बढ़ रही है।
बाकरगंज-लखनऊ बाईपास सड़क की चौड़ाई बढ़ने के लिए मार्च माह में स्वीकृत हुई थी। ई-टेंडरिंग प्रक्रिया पूरी करने में समय अधिक लग गया है। अब शहर में सीवर लाइन का शुरू हो जाने इस मार्ग को भी शामिल किया गया है। सीवर पाइप डाले के लिए 200 मीटर खोदाई होनी है। जिससे दो बाद सड़क की चौड़ाई बढ़ने का काम शुरू किया जाएगा।- गोविंद यादव, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण प्रांतीय खंड