UP में बढ़ा पुलिस बाइक भत्ता, पर खाकी में क्यों है मायूसी? समझें 1000 रुपये की पूरी गणित
मुख्यमंत्री ने यूपी पुलिस के बाइक भत्ते को 700 से बढ़ाकर 1000 रुपये किया है, लेकिन पुलिसकर्मी इस 300 रुपये ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण
HighLights
मुख्यमंत्री ने पुलिस बाइक भत्ता 700 से 1000 रुपये किया।
पुलिसकर्मी 300 रुपये की बढ़ोतरी को नाकाफी मान रहे हैं।
महिला पुलिसकर्मियों को स्कूटर भत्ता अभी तक नहीं मिला।
जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद। मुख्यमंत्री ने पुलिस कर्मियों की बाइकों का भत्ता 700 रुपये से बढ़ाकर एक हजार रुपए किया है। इस संबंध में पुलिस कर्मियों से बात की गई। उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वह अपनी बाइकों से ही गश्त करते हैं। इसके अलावा विभागीय कार्य भी करते हैं।
प्रतिदिन 50 से 100 किलोमीटर बाइक चलती है। एक हजार रुपए भत्ते से कोई राहत नहीं मिलेगी। महिला पुलिस कर्मी ने कहा कि उन्हें अभी तक किसी प्रकार का भत्ता मिला ही नहीं। वह अपने रुपए से स्कूटर से विभागीय कार्य करती हैं।
मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों के बाइक भत्ते को 700 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया है। मुख्यमंत्री की इस घोषणा से पुलिसकर्मियों में खुशी की जगह मायूसी है। जमीनी हकीकत यह है कि 300 रुपये की बढ़ोतरी से पुलिस कर्मियों को कोई राहत नहीं मिलने वाली।
गुरुवार को दैनिक जागरण की टीम ने कई पुलिस कर्मियों से बात की। नाम न छापने की शर्त पर एक दारोगा ने बताया कि हम अपनी ही बाइक से गश्त करते हैं। वारंटी की धरपकड़, समन तामील कराना, जांच करने के लिए गांव आने जाने में प्रतिदिन 50 से 100 किलोमीटर बाइक चलती है। पेट्रोल भी महंगा हो गया है।
प्रतिदिन 100 रुपये से अधिक का ईंधन खर्च होता है। एक दीवान ने बताया कि पेट्रोल के अलावा बाइक की सर्विस, टायर और मोबिल-आयल का खर्च अलग से है। तीसरे माह में 1500 रुपये का खर्च आता है।
यह भी पढ़ें- फर्रुखाबाद में धार्मिक स्थल परिसर में भिक्षु वेषधारियों का मारपीट का वीडियो प्रचलित, जांच में जुटी पुलिस
इस दौरान एक महिला सिपाही ने अपना दर्द बताते हुए कहा कि उन्हें आज तक स्कूटर के लिए भत्ता नहीं मिला है। वह अपने स्कूटर से ही विभागीय कार्य करती हैं। पुलिस कर्मियों ने भत्ते में बढ़ोत्तरी की मांग की है।
