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बिजली विभाग की लापरवाही से गई जान, फर्रुखाबाद में गंगा नहाने जा रहे ग्रामीण की टूटे तार की चपेट में आने से मौत, दो झुलसे

Published: Sat, 22 Aug 2026 05:32 PM (IST)

फर्रुखाबाद के गंगा दरवाजा गांव में बिजली के टूटे तार की चपेट में आने से एक ग्रामीण की मौत हो ...और पढ़ें

घटनास्थल पर पड़ी अवधेश की साइकिल व छाता। जागरण

घटनास्थल पर पड़ी अवधेश की साइकिल व छाता। जागरण

HighLights

  1. फर्रुखाबाद में टूटे बिजली के तार से ग्रामीण की मौत

  2. घटना में दो अन्य युवक करंट लगने से झुलसे

  3. ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया

जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद। बिजली विभाग की लापरवाही के चलते थाना मऊदरवाजा के गांव गंगा दरवाजा में करंट की चपेट में आने से युवक की मौत हो गई। लाइनमैनों को जानकारी देने के लिए फोन किया गया, लेकिन किसी ने नहीं काल रिसीव नहीं की। इसी दौरान दो अन्य लोग भी करंट की चपेट में आकर झुलस गए। झुलसे लोगों को डा. राममनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में बिजली विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई, तब जाकर आपूर्ति बंद हुई।

शनिवार सुबह छह बजे गांव गंगा दरवाजा निवासी 53 वर्षीय अवधेश यादव वर्षा के दौरान छाता लगाकर साइकिल से गंगा स्नान करने जा रहे थे। गंगा दरवाजा तिराहे पर लगे ट्रांसफार्मर के पास तार टूटकर गिरा पड़ा था। इसी दौरान अवधेश यादव तार से उलझकर करंट की चपेट में आ गए। करंट लगने से वह जमीन पर गिर पड़े।

आसपास के लोगों ने लाइनमैन को तार टूटने की जानकारी देने के लिए फोन किया, लेकिन उसने उठाया ही नहीं। इस कारण आपूर्ति बंद नहीं की गई। इसी दौरान गांव के ही 24 वर्षीय शिवम कुमार अपने चचेरे भाई 18 वर्षीय सुरजीत के साथ ई-रिक्शा से घर जा रहे थे, तभी ई-रिक्शा में तार छू जाने से शिवम और सुरजीत भी झुलस गए।

ग्रामीणों ने लकड़ी से टूटे पड़े तार को अलग किया। जानकारी मिलने पर अवधेश यादव के स्वजन मौके पर आ गए। स्वजन अवधेश को डा. राममनोहर लोहिया अस्पताल लेकर आए, जहां चिकित्सक वैभव यादव ने अवधेश को मृत घोषित कर दिया। मृतक की पत्नी सुशीला देवी शव देख रोने लगीं।

मृतक के चार बच्चे भूपेंद्र, सुखेंद्र, रीना व सुरीना हैं। झुलसे युवकों को भर्ती कर उनका इलाज शुरू किया गया। लकूला उपकेंद्र के जेई अजय कुमार ने बताया कि किसी ग्रामीण ने लाइनमैन आदि को कोई सूचना नहीं दी। सुबह 6.15 बजे लाइनमैन जगदीप कुमार ने उपकेंद्र फोन किया तो तुरंत आपूर्ति बंद कर दी गई थी।

बिना रुपये लिए लाइनमैन नहीं करते कोई काम

मुहल्लेवासियों ने बताया कि तार की चपेट में आने के बाद स्थानीय लाइनमैन को आपूर्ति बंद करने के लिए फोन किया, लेकिन उसने नहीं उठाया। अगर आपूर्ति बंद हो जाती तो अवधेश की जान बच सकती थी। वहीं सुरजीत व शिवम को करंट नहीं लगता। सुनील कुमार, रामसिंह, सचिन पांडेय व मुकेश कुमार आदि का कहना था कि तार टूट जाए या फिर बिजली चली जाए तो लाइनमैन रुपये लेने के बाद ही तार आदि जोड़ते हैं।

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