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बिजली विभाग का कारनामा, 7 साल से स्कूल में सप्लाई नहीं, थमा दिया 12.60 लाख का बिल

Published: Sun, 04 Oct 2026 02:23 PM (IST)

फर्रुखाबाद के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिहार में दस साल से बिजली नहीं है, फिर भी बिजली विभाग ने सात ...और पढ़ें

यह एक प्रतीकात्मक तस्वीर है।

यह एक प्रतीकात्मक तस्वीर है।

जागरण संवाददाता, फर्रुखाबाद। उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिहार में दस वर्ष से बिजली नहीं हैं, लेकिन सात वर्षों से बिजली विभाग कागजों में सप्लाई दे रहा है। विद्यालय में न मीटर लगा है और केबल पड़ी है। इसके बावजूद बिल भी बन रहे हैं। सात वर्ष में 12.60 लाख रुपये का बिल बना दिया गया।

प्रधानाचार्य ने आपत्ति की तो संशोधित कर बिल 5.88 लाख का बिल दिया गया। इस पर भी आपत्ति जताई तो वर्ष 2025 में दोबारा से संशोधन कर 1.60 लाख का बिल बना दिया गया, लेकिन मीटर लगाकर स्कूल में बिजली चालू नहीं की गई। शिक्षा विभाग बिना बिजली उपयोग के बिल देने को तैयार नहीं है। इससे दस वर्ष से विद्यालय में बिजली नहीं है। वहां लगे कंप्यूटर, आइसीटी लैब का उपयोग छात्र-छात्राएं नहीं कर पा रहे हैं। वह कंप्यूटर शिक्षा से वंचित हो रहे हैं।

राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिहार के भवन का निर्माण कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडीएस) ने वर्ष 2014 में कराया था। संस्था ने चार किलोवाट का कनेक्शन देने के लिए बिजली विभाग ने आवेदन किया। विभाग ने साढ़े सात किलोवाट का कनेक्शन जारी कर दिया, लेकिन मीटर और केबल डाल कर बिजली चालू नहीं की। इससे विद्यालय में बिजली नहीं पहुंची।

विद्यालय का संचालन शुरू होने पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने कनेक्शन के लिए 24 अक्टूबर 2016 को अधिशासी अभियंता ग्रामीण को एस्टीमेट बनाने के लिए पत्र लिखा। अधिशासी अभियंता ग्रामीण ने 66191 रुपये का एस्टीमेट बनाकर डीआइओएस को भेज दिया। आठ दिसंबर 2016 को बिजली विभाग ने विद्यालय में 41529 रुपये का बिल भेज दिया। जिसे देखकर प्रधानाचार्य शिक्षक हैरान रह गए।

उस समय तैनात रहे प्रधानाचार्य ने बिल आने पर आपत्ति की और अधिशासी अभियंता को पत्र लिखा। इसके बावजूद बिल बनते रहे। वर्ष 2022 में बिजली विभाग ने विद्यालय पर 12.60 लाख की बकायेदारी दिखा दी। प्रधानाचार्य ने आपत्ति कर पत्राचार किया। अक्टूबर 2022 में बिल संशोधित कर 5.88 लाख कर दिया गया।

बिना बिजली जलाए बिल देने से प्रधानाचार्य ने मना कर दिया। प्रधानाचार्य हर्ष कुमार ने वर्ष 2025 में बिल समाप्त करने के लिए पत्राचार किया तो अधिशासी अभियंता ने बिल संशोधित कर 1.60 लाख का बनाकर जमा करने के लिए भेजा। शिक्षा विभाग बिना बिजली जलाए बिल देने को तैयार नहीं है।

प्रधानाचार्य हर्ष कुमार ने बताया कि स्कूल में 106 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। बिजली न होने से आइसीटी लैब और कंप्यूटर शिक्षा से छात्र वंचित हो रहे हैं। स्कूल में न मीटर लगा है और केबल पड़ी है। बिजली विभाग कागजों में कनेक्शन दिखाकर बिल दे रहा है। बिना बिजली जलाए विभाग भुगतान करने को तैयार नहीं है। मीटर लगने के बाद जो बिल आएगा, वही भुगतान किया जाएगा।

अधिशासी अभियंता ग्रामीण सुशील कुमार ने बताया कि यह माला संज्ञान में आया है। सोमवार को जेई को भेज कर जांच कराई जाएगी।