Buddha Mahotsav: काशी, मथुरा व अयोध्या की तर्ज पर होगा संकिशा का विकास, बुद्ध ने यहीं दिया था अभिधम्म का ज्ञान
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुद्ध महोत्सव में घोषणा की कि संकिशा का विकास काशी, मथुरा व अयोध्या की तर्ज ...और पढ़ें

संकिशा में बुद्ध महोत्सव में संबोधित करते उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य। जागरण
HighLights
उपमुख्यमंत्री ने संकिशा के विकास की घोषणा की
काशी, मथुरा, अयोध्या की तर्ज पर होगा विकास
भगवान बुद्ध ने यहीं दिया था अभिधम्म ज्ञान
संवाद सूत्र, संकिशा (फर्रुखाबाद)। बुद्ध महोत्सव में शामिल होने आए उपमुख्यमंत्री ने यहां घोषणा की कि संकिशा का विकास काशी, मथुरा व अयोध्या की तर्ज पर किया जाएगा। वह लखनऊ जाकर इस पर कार्ययोजना बनवाएंगे। उन्होंने कहा कि संकिशा ब्लाक घोषित हो चुका है, केवल शिलान्यास बाकी है। पड़ोसी जनपदों से अच्छी सड़कें बनाकर संकिशा को जोड़ा जाएगा।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को यहां बुद्ध महोत्सव में कहा कि संकिशा का विकास काशी, मथुरा एवं अयोध्या की तर्ज पर होगा। प्रधानमंत्री बौद्ध तीर्थस्थलों के विकास के लिए गंभीर हैं। सकवाई हवाई पट्टी खराब है, इसकी जानकारी उन्हें आज ही मिली है। अगली बार वह संकिशा हवाई पट्टी पर ही उतरेंगे। उन्होंने कहा कि संकिशा ब्लाक पहले से स्वीकृत है। जल्द ही इसका शिलान्यास किया जाएगा।
मैनपुरी व एटा से अच्छी सड़कें बनाकर संकिशा को जोड़ा जाएगा। वह वादा करते हैं कि अगली पीढ़ी को चमकता हुआ संकिशा सौंपेंगे। उन्होंने दावा किया कि तीसरी बार भी भाजपा सरकार बनने जा रही है। इसके लिए वह आशीर्वाद मांगने आए हैं। इससे पहले उन्होंने धार्मिक स्थल पर पहुंचकर पूजा-अर्चना की।

धार्मिक स्थल पर पूजा वंदना करते बौद्ध भिक्षु व अनुयायी। जागरण
बौद्ध अनुयायियों ने कड़ी सुरक्षा में धार्मिक स्थल पर की पूजा अर्चना
बुद्ध महोत्सव के दूसरे दिन परंपरागम धम्म यात्रा निकाली गयी। इस दौरान पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए। यात्रा सुबह धम्मा लोको बुद्ध विहार के सामने से शुरू होकर धार्मिक स्थल पर पहुंची। यात्रा के दौरान पंचशील ध्वज लहराकर नारेबाजी की जाती रही। धार्मिक स्थल पर पहुंचकर मोमबत्ती व अगरबत्ती लगाकर पूजा अर्चना की गयी।
निकाली गई धम्म यात्रा
बौद्ध अनुयायियों की धम्म यात्रा सोमवार सुबह सात बजे शुरू हुई। यात्रा के साथ डा. धम्मपाल थेरो, कर्मवीर शाक्य आदि चल रहे थे। यात्रा मार्ग पर दोनों ओर पुलिस का पहरा रहा। मकानों की छतों पर भी पुलिस बल तैनात किया गया। यात्रा धार्मिक स्थल पर पहुंची। भंते डा. धम्मपाल थेरो ने पूजा अर्चना संपन्न करवाकर परित्राण पाठ किया।
कहा जाता है भगवान बुद्ध 522 ईसा पूर्व इंद्र व ब्रह्मा के साथ यहां आए थे
भंते डा. धम्मपाल थेरो ने अनुयायियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के ही दिन भगवान बुद्ध 522 ईसा पूर्व इंद्र व ब्रह्मा के साथ यहां आए थे। भगवान बुद्ध ने अभिधम्म का ज्ञान इसी संकिशा की पवित्र धरती पर दिया था। जिसे हम त्रिपटक कहते हैं। इसको समझने के लिए किसी विपश्यना केंद्र पर जाना पड़ेगा।
धार्मिक स्थल की दुर्दशा पर चिंता जताई
अंतरराष्ट्रीय बौद्ध संस्थान के पूर्व सदस्य डा. भंते नंद रतन ने धार्मिक स्थल की दुर्दशा पर चिंता जताई। उन्होंने इसके लिए पुरातत्व विभाग को दोषी ठहराया। उन्होंने कहा कि यह भारत देश की विरासत है। इसे संजोकर रखना चाहिए।
