यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 31, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अयोध्या की ओर सरकार के बढ़ते कदमः सीएम योगी ने किए रामलला के दर्शन
योगी आदित्यनाथ ने आज अयोध्या जाकर रामलला का दर्शन किया। 15 वर्ष पहले वर्ष 2002 में राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री रहते रामलला के दर्शन किए थे।

लखनऊ (जेएनएन)। मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ पहली बार अयोध्या जाकर रामलला का दर्शन करने वाले योगी दूसरे मुख्यमंत्री हैं। 15 वर्ष पहले वर्ष 2002 में राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री रहते रामलला के दर्शन किए थे। उल्लेखनीय है कि जाने से एक दिन पहले योगी ने ढांचा ध्वंस मामले में सीबीआइ कोर्ट में पेश होने आए लालकृष्ण आडवाणी समेत कई प्रमुख लोगों की लखनऊ में अगवानी की थी। मिशन 2019 में प्रचंड बहुमत से मोदी की सरकार बनाने में जुटी भाजपा और राज्य सरकार के लिए अयोध्या भी एक माध्यम है। सरकार सिर्फ मंदिर मुद्दे पर ही नही बल्कि वहां के विकास को लेकर भी सक्रिय है।
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योगी ने कृष्ण की नगरी मथुरा-वृंदावन के साथ ही राम की नगरी अयोध्या को भी नगर निगम का दर्जा देकर अयोध्या के विकास का संकेत दिया है। काशी के साथ ही पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से अयोध्या को जोडऩे का एलान भी इसकी एक कड़ी है। बुधवार को मुख्यमंत्री ने वहां न केवल कानून-व्यवस्था की समीक्षा की बल्कि विकास से जुड़ी करीब 350 करोड़ रुपये की योजनाओं की घोषणा भी अयोध्या के लिए की। जाहिर है कि सरकार, अयोध्या एजेंडे पर गंभीर है और इसे लेकर आगे भी बढ़ रही है। योगी ने प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र काशी की गंगा आरती की तर्ज पर सरयू आरती शुरू करने की बात करके पर्यटकों को आकर्षित किया है।
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योगी के मुख्यमंत्री बनने के बाद अयोध्या जाने की पहली पृष्ठभूमि 21 अप्रैल को बनी थी। उस दिन मनिराम दास छावनी के महंत नृत्य गोपाल दास के जन्म महोत्सव में आमंत्रित करने के लिए उनके शिष्य कमल नयन दास यहां आए थे। आठ जून तक चलने वाले इस महोत्सव में जाने के लिए योगी ने उसी दिन हामी भर दी थी लेकिन, तब भी उन्होंने प्रतिनिधि मंडल से अयोध्या के विकास पर चर्चा की थी। योगी वहां गए तो विकास परक योजनाओं का प्रस्ताव भी उनके साथ था।
