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इटावा में उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में मचा हड़कंप, टावर पर चढ़ी महिला, समस्या न सुने जाने पर कूदने की धमकी

Published: Fri, 09 Oct 2026 06:12 PM (GMT+05:30)

सैफई विश्वविद्यालय में एक महिला वार्ड लेडी ने पुलिस पर शिकायत न सुनने का आरोप लगाते हुए टावर पर चढ़कर ...और पढ़ें

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HighLights

  1. महिला वार्ड लेडी ने सैफई विश्वविद्यालय के टावर पर चढ़कर विरोध किया

  2. पुलिस पर मारपीट की शिकायत पर सुनवाई न करने का आरोप लगाया

  3. सहकर्मियों के समझाने पर महिला एक घंटे बाद टावर से नीचे उतरी

संवाद सहयोगी, सैफई(इटावा)। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई में शुक्रवार को वार्ड लेडीज के पद पर तैनात महिला पुलिस पर सुनवाई न करने का आरोप लगाकर प्रशासनिक भवन के सामने टावर पर चढ़ गई। करीब एक घंटे बाद सहकर्मियों के समझाने पर वह नीचे उतर आई।


महिला मीना 45 बर्षीय विश्वविद्यालय के आवासीय परिसर में रहती है। उसका आरोप है कि शुक्रवार को मैनपुरी जिले के एलाऊ थाना क्षेत्र स्थित एक गांव से आए उसके बेटे के ससुराल वालों ने मारपीट की और चेन, अंगूठी व हाथ का कड़ा तोड़ दिया।

महिला का कहना है कि वह शिकायत लेकर थाने गई तो प्रभारी निरीक्षक ने उसकी बात सुनने के बजाय धमकाया। उसने पहले भी कई बार शिकायत देने के बावजूद सुनवाई नहीं होने का आरोप लगाया। इससे आहत होकर उसने आत्महत्या करने की धमकी दी और टावर पर चढ़ गई।

शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे महिला प्रशासनिक भवन के सामने बने लगभग 200 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ी। सूचना पर कुलपति प्रो. डॉ. आदेश कुमार, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमित सिंह, मुख्य सुरक्षा अधिकारी रूपेश सिंह, विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी और थाना पुलिस मौके पर पहुंच गए। महिला को काफी देर तक समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वह नीचे आने को तैयार नहीं हुई। मौके पर भीड़ जुट गई।

बाद में महिला के साथ ड्यूटी करने वाली नर्सिंग अधिकारी मीना कुमारी और अनिता प्रजापति ने उससे बातचीत की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन और कर्मचारी संगठन उसकी बात सुनकर उच्च अधिकारियों तक पहुंचाएंगे। सहकर्मियों के समझाने पर महिला करीब साढ़े चार बजे नीचे उतर आई।


नीचे आने के बाद महिला ने बेटे के ससुराल वालों के खिलाफ लिखित शिकायत दी। उसने अपने बेटे राहुल और बहू को चल-अचल संपत्ति से बेदखल करने का निर्णय लेने की बात भी कही।

प्रभारी निरीक्षक भूपेंद्र राठी ने बताया कि महिला और दूसरे पक्ष के बीच मारपीट हुई थी, जिसका वीडियो भी सामने आया है। दोनों पक्षों को थाने बुलाकर समझाया गया था। महिला को थाने से भगाने या धमकाने का आरोप निराधार है। उनका कहना है कि महिला थाने में भी अभद्रता करने लगी थी। महिला के बेटे और बहू के बीच भी विवाद चल रहा है। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराने का प्रयास किया था।

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