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आलू सब्सिडी योजना: किसानों के खाते में आएगी रकम, जिला उद्यान अधिकारी ने बताया लाभ उठाने का तरीका

Published: Thu, 08 Oct 2026 04:19 PM (IST)

इटावा में आलू किसानों के लिए तीन सरकारी योजनाएं संचालित हैं, जिनमें भंडारण प्रभार, भामाशाह भाव स्थिरता कोष और बीज पर अनुदान शामिल है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. आलू भंडारण, बीज और भाव स्थिरता कोष पर सब्सिडी उपलब्ध।

  2. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में सूक्ष्म सिंचाई पर 90% अनुदान।

  3. अनुदान राशि प्रक्रिया पूरी होने के 8 दिन में खाते में।

जागरण संवाददाता, इटावा। आलू से संबंधित तीन सरकारी योजनाएं संचालित हैं, इनमें भंडार प्रभार में सब्सिडी, भामाशाह भाव स्थिरता कोष एवं आलू बीज में छूट अनुदान शामिल हैं।

भंडारण प्रभार में सब्सिडी योजना में आलू भंडारण होता है, इसमें चार कागजात जमा, निकासी, भुगतान तथा गेट रसीद विभागीय पोर्टल पर अपलोड करनी होती है। 20 अगस्त से निकासी पर योजना का लाभ दिया जा रहा है। यह जानकारी जिला उद्यान अधिकारी श्याम सिंह ने बुधवार को दैनिक जागरण कार्यालय में प्रश्न पहर कार्यक्रम में पाठकों के सवालों का जवाब देते हुए कही।

20 हजार रुपये का अनुदान

भंडारण प्रभार में सब्सिडी योजना में आलू शीतगृह में भंडार होने पर किसानों को प्रमाणित खतौनी, बैंक डिटेल, आधार जमा होने के बाद अनुदान खाते में पहुंच जाते हैं। दो हेक्टेयर जमीन और 200 क्विंटल आलू बराबर होने पर 20 हजार रुपये का अनुदान मिलता है। अन्यथा की स्थिति में पोर्टल स्वत: अनुदान कम कर देता है।

भामाशाह भाव स्थिरता कोष योजना में शीतगृह भंडारण रसीद, सिक्स आर, आनलाइन ट्रांजेक्शन की प्रति पोर्टल पर अपलोड करने के बाद एक प्रति कार्यालय में जमा करनी होगी, जबकि आलू बीज अनुदान योजना में डीबीटी के माध्यम से धनराशि किसानों के खाते में भेजी जाती है।

ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई योजना को बढ़ावा

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत खेत में सिंचाई सुनिश्चित करने और पानी की बर्बादी रोकने के लिए तथा सूक्ष्म सिंचाई तकनीक से किसानों को दो हेक्टेयर भूमि वाले किसानों को 90 प्रतिशत अधिक भूमि होने पर 80 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है, जिसमें ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई योजना को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के तहत निश्शुल्क बीज तथा अनुदान पर बीज के साथ- साथ बागवानी में अनुदान नियमानुसार दिया जाता है।

पूछे जाने वाले प्रश्न-

प्रश्न- आलू भंडारण बटाईदार के नाम हुआ है, उसका अनुदान का लाभ कैसे मिलेगा?

जवाब- नियमानुसार पंजीकृत बटाईदार को देने की व्यवस्था है। बटाईदार के भंडारण होने पर भूमि स्वामी व बटाईदार की व्यवस्था नहीं है। यदि आपके नाम से आलू भंडारण है तो अनुदान प्रक्रिया कर सकते हैं।

प्रश्न- आलू भंडारण रसीद हमारे नाम है। खेती बाबा के नाम है, पैसा किसके खाते में जाएगा?

जवाब- बाबा के आधार के साथ बाबा की सहमति पत्र व परिवार रजिस्टर की नकल के साथ प्रक्रिया की जा सकती है।

प्रश्न- पिता के नाम से आलू अनुदान मिल रहा है, जो चलने फिरने में असमर्थ हैं और अंगूठा भी नहीं लगा सकते। ऐसी स्थिति में क्या करें?

जवाब- खतौनी, बैंक डिटेल, परिवार रजिस्टर लाना पड़ेगा डीबीटी के माध्यम से अनुदान की राशि खाते में पहुंचेगी।

प्रश्न- आलू की सब्सिडी आनलाइन नहीं हो रही है?

जवाब- पोर्टल सुचारू रूप से संचालित है। आपके यहां कोई तकनीकी समस्या हो सकती है। किसी अन्य स्थान से आनलाइन आवेदन potato.uphorticulture.in पर आवेदन करें।

प्रश्न- आलू पर अनुदान को लेकर समय अवधि प्रक्रिया के बाद कितने दिनों में अनुदान की धनराशि खाते में पहुंचती है?

जवाब- 20 अगस्त से भंडारण की निकासी पर योजना लागू है। जो 31 अक्टूबर तक जारी रहेगी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद आठ दिन के अंदर लाभार्थी के खाते में अनुदान की राशि पहुंचती है।

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