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MLC Elections: अखिलेश का तंज, वोट चोरी सिखाने के लिए भाजपा खोले विश्वविद्यालय, चलाए तीन साल का कोर्स

Published: Fri, 23 Oct 2026 05:55 PM (IST)

सैफई में मतदान के बाद अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर गड़बड़ी का आरोप लगाया और भाजपा को वोट चोरी ...और पढ़ें

वोट देने पहुंचे अखिलेश यादव। जागरण

वोट देने पहुंचे अखिलेश यादव। जागरण

HighLights

  1. चुनाव आयोग पर मतदान में गड़बड़ी के आरोप लगाए

  2. भाजपा को वोट चोरी सिखाने के लिए विश्वविद्यालय खोलने को कहा

  3. 2027 में भाजपा को हराना विपक्ष का लक्ष्य बताया

संवाद सहयोगी, सैफई(इटावा)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शिक्षक-स्नातक विधान परिषद चुनाव में मतदान के दौरान गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग पर निशाना साधा। शुक्रवार को दोपहर बाद क्षेत्र पंचायत कार्यालय में मतदान के बाद उन्होंने कहा कि भाजपा को वोट चोरी के लिए विश्वविद्यालय खोलना चाहिए और कार्यकर्ताओं के लिए तीन साल का पाठ्यक्रम चलाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जिलों से मतदाता सूची में गड़बड़ी और मतदान प्रभावित करने की सूचनाएं मिल रही हैं।

आगरा, फतेहपुर, गोरखपुर, जौनपुर और कन्नौज सहित कई जिलों में मतदान प्रभावित करने की शिकायतों का हवाला देते हुए अखिलेश ने आरोप लगाया कि सपा समर्थक मतदाताओं को रोकने के लिए भाजपा से जुड़े लोगों और अधिकारियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में गड़बड़ी की शिकायतें वर्ष 2022 से उठाई जा रही हैं। राजनीतिक दलों को उपलब्ध सूची और मतदान केंद्र पर पीठासीन अधिकारी के पास मौजूद सूची में अंतर के आरोपों की जांच होनी चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग पर शिकायतों के प्रति निष्क्रिय रहने का आरोप भी लगाया।

वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में गठबंधन और सीटों के बंटवारे पर उन्होंने कहा कि भाजपा को हराना विपक्ष का लक्ष्य है और इसके लिए रास्ता निकाला जाएगा। उन्होंने कांग्रेस के साथ गठबंधन मजबूत करने की बात कही। भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए अखिलेश ने रोजगार, निवेश, आरक्षण, प्राथमिक विद्यालयों और स्वास्थ्य सेवाओं के मुद्दे उठाए। डीएपी खाद की किल्लत के लिए उन्होंने केंद्र सरकार की विदेश नीति और व्यापारिक समझौतों को जिम्मेदार ठहराया।

प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद की नाराजगी पर उन्होंने कहा कि चुनाव के समय वादे पूरे न होने पर सवाल उठना स्वाभाविक है। पूर्व मंत्री आजम खां से मुलाकात के सवाल पर उन्होंने कहा कि न्याय और सच्चाई को कैद नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, “आजम खां साहब आजम थे, आजम हैं और आजम रहेंगे।” लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे की खराब हालत पर अखिलेश ने मीडिया से मुद्दे को प्रमुखता से उठाने की अपील की।