एटा किसान हत्याकांड: 15 साल बाद मिला न्याय, मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास
एटा के गदेसरा गांव में 2011 में हुई किसान सूरजपाल की हत्या के मामले में 15 साल बाद न्याय मिला ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
2011 में एटा के किसान सूरजपाल की हत्या हुई थी।
मुख्य दोषी गिरीश चंद्र को आजीवन कारावास की सजा।
तीन अन्य आरोपियों को पांच वर्ष का साधारण कारावास।
जागरण संवाददाता, एटा। वर्ष 2011 में थाना अवागढ़ क्षेत्र के गांव गदेसरा में की गई किसान की हत्या के एक दोषी को आजीवन कारावास और तीन को पांच-पांच वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। हत्या के दोषी पर 15 हजार रुपये और साधारण कारावास वालों पर पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। मामले की सुनवाई न्यायालय एससीएसटी कोर्ट में हुई।
तीन दोषियों को पांच-पांच वर्ष की सजा
गदेसरा निवासी अनोखलाल ने 10 जनवरी 2011 को पुलिस को तहरीर दी कि उनके भाई सूरजपाल अपने परिवार के लोगों के साथ खेत पर गए थे, जहां पशुओं को चारा-पानी दे रहे थे, तभी लाइसेंसी राइफल लेकर गिरीश चंद्र पुत्र जसराम व उसका भाई बलवीर और मनोज तथा बलवीर का पुत्र जितेंद्र पहुंचे और उन्होंने विवाद करना शुरू कर दिया, जातिसूचक शब्द भी कहे। दोषी मारपीट करने लगे। इस दौरान गिरीश ने राइफल से फायर कर दिया। गोली सूरजपाल के लगी। तत्काल सूरजपाल को अस्पताल ले जाया गया, जिसे चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
हमलावरों ने एक की हत्या कर अन्य लोगों को कर दिया था घायल
इस मामले की एफआईआर दर्ज हुई थी, जिस पर विवेचना की गई। 18 मार्च 2011 को ही आरोप पत्र अदालत में दाखिल कर दिया गया था। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी की गई। अदालत ने शुक्रवार को गिरीश को आजीवन कारावास तथा 15 हजार रुपये के अर्थदंड, बलवीर, मनोज और जितेंद्र को पांच वर्ष व पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।