देवरिया में उग्रसेन सेतु की मरम्मत से जनजीवन प्रभावित, दो महीने और करना होगा इंतजार
देवरिया में उग्रसेन सेतु पर आवागमन बंद होने से लोगों को भारी परेशानी हो रही है, खासकर त्योहारों के मौसम ...और पढ़ें

HighLights
उग्रसेन सेतु पर वाहनों का आवागमन बंद, पैदल आवाजाही।
त्योहारों के मौसम में व्यापारियों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित।
पुल की मरम्मत में लगभग दो महीने का समय लगेगा।
अरविंद सिंह, कपरवार। उग्रसेन सिंह सेतु पर आवागमन बंद होने से लोगों की दुश्वारियां बढ़ती जा रही हैं। त्योहार के मौसम में बाजार तक पहुंचना भी लोगों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। कोई सिर पर सामान लादकर पैदल पुल पार कर रहा है तो किसी को दोपहिया वाहन लेकर दूसरी ओर पहुंचने के लिए दस रुपये किराया देना पड़ रहा है। सेतु के सभी छह डेक की मरम्मत की जाएगी। इसमें दो महीने का समय लग सकता है। इसके बाद ही चारपहिया और भारी वाहनों का आवागमन शुरू हो सकेगा।
सेतु की मरम्मत चरणबद्ध तरीके से कराई जा रही है। इसी क्रम में तीसरे डेक पर कंक्रीट की ढलाई पूरी कर ली गई है। बाकी पांच डेक की मरम्मत एक-एक कर की जाएगी। एक डेक पर कंक्रीट की ढलाई के बाद उसे मजबूती के लिए पकने का समय दिया जाएगा। करीब एक सप्ताह बाद अगले डेक की ढलाई शुरू होगी। इसी प्रक्रिया के तहत सभी छह डेक की मरम्मत पूरी की जाएगी। काम में तेजी लाने के लिए आइबीम, चैनल, प्लाई और छड़ समेत अन्य जरूरी निर्माण सामग्री मौके पर पहुंचा दी गई है।
पैदल पुल पार करने की मजबूरी, त्योहार पर कारोबार की चिंता
सेतु पर वाहनों का आवागमन बंद होने का असर अब लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी के साथ कारोबार पर भी दिखने लगा है। अधिकांश लोग पैदल ही पुल पार कर रहे हैं। कई लोग सिर पर भारी सामान लादकर किसी तरह दूसरी ओर पहुंच रहे हैं। महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। दोपहिया वाहन चालकों को भी पुल पार करने के लिए दस रुपये किराया चुकाना पड़ रहा है।
त्योहार के मौसम में कारोबारियों की चिंता भी बढ़ गई है। कपड़ा व्यवसायी दौलत साहनी ने बताया कि सेतु क्षतिग्रस्त होने से महिलाओं को बाजार आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है। इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ रहा है। राजेश मद्देशिया के मुताबिक धनतेरस और दीपावली पर मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है, लेकिन आवागमन बाधित होने से ग्राहक बाजार तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
कृष्ण वर्मा ने बताया कि धनतेरस पर चांदी के सिक्कों की बिक्री तेज रहती है, लेकिन पुल बंद होने से ग्राहक नहीं आ पा रहे हैं। इससे त्योहार के दौरान कारोबार प्रभावित हो रहा है। व्यापारियों का कहना है कि त्योहार पर बाजार में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ने के बजाय घट रही है।
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66 डेकों में छह क्षतिग्रस्त
विभागीय जानकारी के अनुसार, वर्ष 1986 में बना करीब 400 मीटर लंबा यह पुल 13 पायों पर टिका है। इसमें 11 स्पैन के बीच कुल 66 डेक बने हैं। पहले स्पैन का एक, तीसरे स्पैन के तीन और पांचवें स्पैन के दो डेक क्षतिग्रस्त मिले हैं। इनमें से तीसरे स्पैन के एक डेक की मरम्मत पूरी कर ली गई है। शेष पांच डेकों की मरम्मत होनी है। इसमें दो माह से अधिक का समय लगने की संभावना है।
उग्रसेन सेतु में आई खराबी दूर करने के साथ जांच में सामने आई अन्य संभावित दिक्कतों को भी ठीक किया जा रहा है। छह डेकों की मरम्मत पूरी होने के बाद ही पुल से वाहनों का संचालन शुरू हो सकेगा। इसमें दो माह से अधिक का समय लगने की संभावना है।
-जनीकांत मिश्र, प्रोजेक्ट मैनेजर बीयूपीएल
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