पीछे पति का शव, आगे बेटे-जेठ की टूट गईं सांसें; पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर बड़ा हादसा
देवरिया के सूबेदार मेजर सत्यवान सिंह के निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर लेकर लौट रहे परिवार पर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे ...और पढ़ें
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सभासद राजन के घर पर रोते बिलखते स्वजन व अन्य
HighLights
सूबेदार मेजर के निधन के बाद परिवार पार्थिव शरीर लेकर लौट रहा था।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर अज्ञात वाहन ने एंबुलेंस को जोरदार टक्कर मारी।
हादसे में चार लोगों की दर्दनाक मौत, परिवार में मातम छा गया।
जागरण संवाददाता, देवरिया। रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के गहिला-दुधैला गांव के सूबेदार मेजर सत्यवान सिंह के परिवार पर रविवार को ऐसा दुखों का पहाड़ टूटा, जिसने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। चंडीगढ़ में उपचार के दौरान सूबेदार मेजर की मौत के बाद उनका पार्थिव शरीर लेकर घर लौट रहे स्वजन रास्ते में ही हादसे का शिकार हो गए।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर सुलतानपुर जिले के हलियापुर थाना क्षेत्र में अज्ञात वाहन की टक्कर से सूबेदार मेजर के पुत्र गौरव सिंह, बड़े भाई रामसमूझ सिंह और रिश्तेदार राजन चौधरी समेत चार लोगों की मौत हो गई। एक साथ चार मौतों की खबर पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई।
सूबेदार मेजर सत्यवान सिंह और उनके बड़े भाई रामसमूझ सिंह एक ही घर में साथ रहते थे। सेना में तैनात सत्यवान सिंह की ड्यूटी चंडीगढ़ में थी। वह करीब छह माह पहले गांव आए थे। किडनी प्रत्यारोपण के लिए उन्हें चंडीगढ़ के अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां शुक्रवार की रात उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। परिवार के लिए यह पहले ही बड़ा आघात था। पार्थिव शरीर को गांव लाने के लिए स्वजन दो वाहनों से चंडीगढ़ गए थे।
एक वाहन में परिवार के सात लोग सवार थे, जबकि दूसरे वाहन में सत्यवान सिंह की पत्नी सरोजनी, बेटी दीक्षा और उनके साले समेत अन्य स्वजन थे। पार्थिव शरीर को एंबुलेंस से गांव लाया जा रहा था। एंबुलेंस में सत्यवान सिंह के पुत्र गौरव सिंह, बड़े भाई रामसमूझ सिंह और रिश्तेदार राजन चौधरी सवार थे।

रविवार की सुबह करीब 8:15 बजे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर किलोमीटर 79.6 के पास अज्ञात वाहन ने एंबुलेंस में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि एंबुलेंस में सवार गौरव सिंह और चालक जसपाल की मौके पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल रामसमूझ सिंह और राजन चौधरी को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया।
एक साथ रहते थे दोनों भाई
सत्यवान सिंह और उनके बड़े भाई रामसमूझ सिंह के बीच गहरा लगाव था। दोनों एक ही घर में रहते थे। रामसमूझ सिंह तारासारा शाखा में डाकपाल के पद पर कार्यरत थे। उनके तीन पुत्र विवेक सिंह, विशाल सिंह और विकास सिंह हैं।
परिवार में सत्यवान सिंह की पत्नी सरोजनी और बेटी दीक्षा भी हैं। एक ओर परिवार सत्यवान सिंह के निधन से पहले ही शोक में डूबा था, वहीं हादसे ने बड़े भाई रामसमूझ सिंह और पुत्र गौरव को भी छीन लिया। परिवार के लिए एक साथ इतने अपनों को खोने का दुख असहनीय हो गया है।
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दूसरे वाहन में आ रहे थे पत्नी और बेटी
सत्यवान सिंह के पार्थिव शरीर के साथ परिवार के अन्य सदस्य भी अलग वाहन से गांव लौट रहे थे। पत्नी सरोजनी और बेटी दीक्षा समेत अन्य स्वजन दूसरे वाहन में सवार थे। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि जिस रास्ते से वे अपने प्रियजन का पार्थिव शरीर लेकर घर लौट रहे हैं, उसी रास्ते पर परिवार के कई सदस्य जिंदगी की जंग हार जाएंगे। हादसे की सूचना मिलते ही गांव में मातम छा गया। स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने चारों शवों को कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है।
