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कागजों में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण, धरातल पर अंधेरा; देवरिया के कई परिषदीय स्कूलों में नहीं पहुंची बिजली

Published: Mon, 02 Nov 2026 12:27 PM (IST)

देवरिया के परिषदीय विद्यालयों में कागजों पर शत-प्रतिशत विद्युतीकरण के दावों के बावजूद कई स्कूल आज भी बिजली से वंचित ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।

यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।

HighLights

  1. देवरिया के कई परिषदीय विद्यालयों में बिजली नहीं।

  2. कागजों पर शत-प्रतिशत विद्युतीकरण का दावा किया गया।

  3. छात्र बुनियादी सुविधाओं से वंचित, अधिकारी बेखबर।

जागरण संवाददाता, देवरिया। परिषदीय विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावों की हकीकत धरातल पर अलग नजर आ रही है। बेसिक शिक्षा और विद्युत विभाग भले ही सभी विद्यालयों में बिजली कनेक्शन होने का दावा कर रहे हों, लेकिन कई स्कूल आज भी रोशनी का इंतजार कर रहे हैं। कहीं कनेक्शन की प्रक्रिया कागजों तक सिमटी है तो कहीं विद्युतीकरण के लिए खंभे लगने के बाद भी बिजली नहीं पहुंची। इसका खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। बिजली के अभाव में पंखे, लाइट और स्मार्ट क्लास जैसी सुविधाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है।

जिले में कुल 2121 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें 1385 प्राथमिक, 268 उच्च प्राथमिक और करीब 468 कंपोजिट विद्यालय शामिल हैं। इन विद्यालयों में लगभग 1,47,276 विद्यार्थी पढ़ते हैं। विभागीय दावों के बावजूद कई विद्यालयों में बिजली कनेक्शन नहीं होने की शिकायतें सामने आ रही हैं। इससे आधुनिक शिक्षण व्यवस्था लागू करने की कोशिशों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

रामपुर कारखाना विकास खंड की ग्राम पंचायत सिरसिया नंबर-एक स्थित प्राथमिक विद्यालय बीबीचक इसका उदाहरण है। वर्ष 2007-08 में स्थापित इस विद्यालय में 17 साल बाद भी बिजली कनेक्शन नहीं हो सका है। विद्यालय में पंखे और ट्यूबलाइट के जरिए बच्चों को बेहतर शैक्षिक माहौल देने की योजना यहां धरातल पर नहीं उतर सकी।

जानकारी के अनुसार, विद्यालय के विद्युतीकरण के लिए बिजली विभाग को बजट भी मिल गया था। इसके बाद स्कूल तक जरूरत के अनुसार बिजली के खंभे भी लगा दिए गए, लेकिन विद्यालय को बिजली लाइन से नहीं जोड़ा गया। दूसरी ओर, कागजों में विद्युतीकरण का लक्ष्य पूरा होने की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई। इस तरह कनेक्शन की प्रक्रिया अधूरी रहने के बावजूद रिकॉर्ड में काम पूरा दिखता रहा और 17 साल बीत गए।

पांडेचक, रामपुर कारखाना के अवर अभियंता अखिलेश गुप्ता ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। विद्यालय की स्थिति का भौतिक सत्यापन कराकर समस्या के निराकरण का प्रयास किया जाएगा। वहीं, रामपुर कारखाना के खंड शिक्षा अधिकारी विजय कुमार ओझा ने बताया कि जिन विद्यालयों में बिजली कनेक्शन नहीं है, उन्हें चिह्नित कर विभागीय अधिकारियों और विद्युत विभाग को पत्र भेजा गया है।

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