देवरिया में बेटी के इलाज को निकले पिता की सड़क हादसे में मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
देवरिया में एक पिता अपनी बेटी के टूटे पैर का इलाज कराने जा रहे थे, तभी सड़क हादसे में उनकी ...और पढ़ें

रोते बिलखते परिजन व मृतक की फाइल फोटो। जागरण
HighLights
बेटी के इलाज के दौरान पिता की मौत हुई।
देवरिया में सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए।
चार बच्चों के सिर से उठा पिता का साया।
संवाद सूत्र, पथरदेवा, (देवरिया)। बेटी के टूटे पैर का इलाज कराने घर से निकले पिता को क्या पता था कि यह सफर उनके परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द बन जाएगा। सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल बघौचघाट थाना क्षेत्र के रामपुर बेलमहा निवासी अमिताभ प्रजापति (40) की शनिवार की रात गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई।
रविवार को पोस्टमार्टम के लिए शव मेडिकल कालेज देवरिया लाया गया। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। चार बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया, जबकि पत्नी रानी के सामने परिवार के भरण-पोषण की चिंता खड़ी हो गई है।
अमिताभ 15 अक्टूबर की सुबह अपनी दो बेटियों कुमकुम और ज्योति को बाइक से लेकर पथरदेवा जा रहे थे। बड़ी बेटी कुमकुम का पैर पहले से टूटा हुआ था। वह उसका उपचार कराने के लिए छोटी बेटी को भी साथ ले गए थे। पथरदेवा-बघौचघाट मार्ग पर मदीना बाजार के पास सामने से तेज गति से आ रही अपाचे बाइक से उनकी बाइक की टक्कर हो गई। हादसे में अमिताभ और उनकी दोनों बेटियों समेत चार लोग घायल हो गए। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों बाइक क्षतिग्रस्त हो गईं।
स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पथरदेवा पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें मेडिकल कालेज देवरिया रेफर कर दिया। अमिताभ की हालत नाजुक होने पर उन्हें गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
हादसे में उनका एक हाथ और एक पैर कई जगह से टूट गया था। उपचार के दौरान शनिवार की रात उनकी मौत हो गई। उनकी दोनों घायल बेटियां भी मेडिकल कालेज देवरिया में भर्ती हैं। वहीं, दूसरी बाइक चला रहे कुशीनगर जनपद के चौरा थाना क्षेत्र के सुमही गांव निवासी सुहेल अंसारी के सिर में गंभीर चोट आई थी।
कपड़े की दुकान से चलता था परिवार
अमिताभ बघौचघाट में कपड़े की दुकान चलाकर पत्नी और चार बच्चों का भरण-पोषण करते थे। वह तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। पिता की मौत के बाद तीनों भाई अपने-अपने परिवार के साथ अलग रहते थे। अमिताभ अपने पीछे आठ वर्षीय बेटे शिव प्रजापति और तीन बेटियों कुमकुम, ज्योति व परी के साथ पत्नी रानी को छोड़ गए हैं। परिवार में कमाई का एकमात्र सहारा छिन जाने से पत्नी और बच्चों के सामने भविष्य की चिंता खड़ी हो गई है।
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बेटी के इलाज की चिंता में निकले थे घर से
जिस बेटी के टूटे पैर का उपचार कराने के लिए अमिताभ घर से निकले थे, उसी सफर में हुए हादसे ने परिवार को कभी न भरने वाला जख्म दे दिया। पिता की मौत और दोनों बेटियों के अस्पताल में भर्ती होने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अमिताभ की असमय मौत से गांव में भी शोक की लहर है।
