विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

देवरिया में 24.78 करोड़ से बन रहा मॉडल कंपोजिट विद्यालय, आवंटित की गई है 5.18 एकड़ भूमि

Published: Sat, 31 Oct 2026 08:07 PM (IST)

देवरिया के किशुन महुअवा गांव में 24.78 करोड़ की लागत से बन रहे मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय का निर्माण कार्य तेज हो गया है।

24.78 करोड़ से बन रहा मॉडल कंपोजिट विद्यालय।

24.78 करोड़ से बन रहा मॉडल कंपोजिट विद्यालय।

HighLights

  1. मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय का निर्माण कार्य तेज हुआ।

  2. प्री-प्राइमरी से इंटरमीडिएट तक मिलेगी आधुनिक शिक्षा।

  3. आगामी शैक्षिक सत्र से पढ़ाई शुरू करने का लक्ष्य।

जागरण संवाददाता, सलेमपुर। ग्राम पंचायत डुमवलिया के राजस्व गांव किशुन महुअवा में 24.78 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय के निर्माण में तेजी आई है। प्रशासन ने कार्यदायी संस्था को निर्माण कार्य में तेजी लाने और गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए समय से काम पूरा करने का निर्देश दिया है।

प्रयास है कि आगामी शैक्षिक सत्र से विद्यालय में पढ़ाई शुरू हो जाए। विद्यालय के शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को प्री-प्राइमरी से इंटरमीडिएट तक आधुनिक सुविधाओं के बीच शिक्षा मिल सकेगी।

आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शासन ने पिछले वर्ष इस विद्यालय को स्वीकृति दी थी। इसके लिए 5.18 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। करीब छह माह से निर्माण कार्य चल रहा है।

शुरुआत में काम की गति धीमी होने पर प्रशासन ने नाराजगी जताई थी और कार्यदायी संस्था कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज को तेजी लाने का निर्देश दिया था। इसके बाद निर्माण कार्य में तेजी आई है।

तीन मंजिला विद्यालय भवन की नींव से लेकर ऊपरी हिस्से तक दीवारों का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। परिसर में मुख्य शैक्षणिक भवन के अलावा बाल वाटिका, मध्याह्न भोजन के लिए किचन, बहुउद्देशीय हाल, विद्युत सब स्टेशन, पंप हाउस, गार्ड रूम, साइकिल स्टैंड और वाहन पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है।

विद्यार्थियों के शारीरिक और सर्वांगीण विकास के लिए बास्केटबॉल, वॉलीबाल और बैडमिंटन कोर्ट भी बनाए जाएंगे। इसके साथ ही आवासीय सुविधा और डॉरमेट्री का निर्माण भी कराया जा रहा है।

आधुनिक सुविधाओं से संवरेगा भविष्य

विद्यालय शुरू होने से किशुन महुअवा सहित आसपास के गांवों के विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही बेहतर शिक्षा का अवसर मिलेगा। खासकर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों को आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं के लिए दूर शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।

ग्रामीणों में जगी बेहतर शिक्षा की उम्मीद

पड़री तिवारी गांव निवासी राजकमल तिवारी उर्फ धन्नू ने कहा कि गांव में इतने बड़े और आधुनिक विद्यालय का निर्माण होना पूरे क्षेत्र के लिए खुशी की बात है। इससे ग्रामीण बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए दूर शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। उन्हें अपने क्षेत्र में ही आधुनिक सुविधाओं के बीच पढ़ने का अवसर मिलेगा।

सोनबरसा गांव निवासी विजय गौड़ ने कहा कि विद्यालय में कक्षा 12 तक पढ़ाई के साथ खेलकूद की सुविधाएं उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को काफी लाभ होगा। इससे विशेषकर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल करने का अवसर मिलेगा।

समय से पूरा होगा निर्माण कार्य

खंड शिक्षा अधिकारी सलेमपुर आरपी राम ने बताया कि विद्यालय का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। संबंधित कार्यदायी संस्था को गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए निर्धारित समय में निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रयास है कि आगामी शैक्षिक सत्र से विद्यालय में शिक्षण कार्य शुरू करा दिया जाए।

यह भी पढ़ें- मोती संवर्धन योजना: मोती पालन से गोरखपुर के किसानों की बदलेगी किस्मत, अनुदान के लिए पोर्टल पर करें आवेदन

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।